सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में इस बार उत्तर प्रदेश थीम स्टेट के रूप में शिरकत कर रहा है। दो फरवरी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल मेले का उद्घाटन करेंगे।
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिए दिल्ली गेट की तरफ काशी के घाट बनाए जा रहे हैं, मगर अभी तक उनका काम पूरा नहीं हुआ है।
इसी तरह चौपाल के पास कुंभ द्वार व अपना घर का काम भी अधूरा पड़ा है। मेले की सजावट भी पूरी तरह से नहीं हो पाई है। मेला परिसर को देरी से संवारने तथा उत्तर प्रदेश के कलाकारों का देरी से आने का खामियाजा अब भुगतना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी और मनोहर लाल सूरजकुंड में राजहंस के पास बने हेलीपेड पर उतरेंगे और वहां से विश्राम के लिए राजहंस में जाएंगे। राजहंस में भी रेनोवेशन का काम चल रहा है।
बुधवार को होटल राजहंस में फव्वारों को संवारने, फर्श पर मार्बल व शीशे के दरवाजे की मरम्मत का काम चल रहा था।
मेले की तैयारियों के बीच बुधवार को शिल्पकारों का मेला परिसर में आगमन शुरू हो गया है। मेला परिसर के बाहर नाट्यशाला में उनके पंजीकरण के लिए काउंटर लगाया गया है, जहां हरियाणा पर्यटन निगम के अलावा हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट विभाग के अधिकारी वहां मौजूद थे।
वे शिल्पकारों के दस्तावेजों को जांच कर उनका पंजीकरण व स्टॉल अलॉटमेंट का काम देख रहे हैं। मेले में देश विदेश के करीब 11 सौ शिल्पकार शामिल होंगे। विदेशी शिल्पकारों का पंजीकरण विदेश मंत्रालय के मार्फत पहले ही हो जाता है।