ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में करीब 11 वर्ष की नौकरी में अर्जित संपत्ति का ब्योरा न दे पाने से फंस सकते हैं। दूसरी तरफ तीन दिन के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुलेंगे, तो उनके लॉकरों को भी आयकर की टीम खंगाल सकती है।
दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा वेस्ट में औद्योगिक जमीन का लैंडयूज बदलकर बिल्डरों को आवंटित करने के मामले में भी रविंद्र तोंगड़ आरोपी हैं। उनके अलावा प्राधिकरण के 25-26 और भी कर्मचारी व अधिकारी आरोपी हैं। इन सभी केखिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल हैं। अब इस मामले में पूर्व जीएम के अलावा अन्य पर भी शासन स्तर से कार्रवाई हो सकती है।