तीस लाख रुपये से ज्यादा की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री करने के बावजूद आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले लोगों पर आयकर विभाग की नजर टेढ़ी हो गई है।
देश भर में ऐसे 15 लाख से भी ज्यादा लोगों को नोटिस भेजा जा चुका है जबकि करीब पांच लाख लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। ऐसे लोग यदि दोषी पाये गए तो उनसे न सिर्फबकाया कर वसूला जाएगा बल्कि उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि आयकर विभाग के पास ऐसे लोगों की जानकारी नियमित रूप से पहुंच रही है जो 30 लाख रुपये से अधिक कीमत की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री तो कर रहे हैं लेकिन आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं।
समय-समय पर इन्हें नोटिस जारी किया जाता था लेकिन उन पर कोई खास कार्रवाई नहीं होती थी लेकिन अब ऐसे मामलों में स्क्रूटिनी की जा रही है और दोषियों से न सिर्फ बकाया कर बल्कि जुर्माना और ब्याज भी वसूला जा रहा है।
वैसे तो इस फार्मूले पर कई तरह के डिफाल्टर फिट बैठ रहे हैं। मगर रियल एस्टेट से जुड़े मामलों पर इसलिए ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि इसमें काले धन की संलिप्तता की सबसे ज्यादा गुंजाइश है।
पिछले पांच साल का खंगाला जा रहा है रिटर्न : केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के एक अधिकारी ने बताया कि अचल संपत्ति से जुड़े करीब 13 लाख मामलों में पिछले साल ही नोटिस भेजे जा चुके थे जबकि इस साल यह संख्या 15 लाख से ऊपर पहुंच चुकी है।
इसके अलावा फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट के पास करीब पांच लाख और जानकारी पहुंची है जिसकी जांच की जा रही है। यदि इनमें कर चोरी और रिटर्न दाखिल नहीं करने की सूचना सही पाई गई तो इन्हें भी नोटिस जारी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है, उनके पांच साल का रिटर्न ढूंढा जा रहा है और देखा जा रहा है कि उन्होंने रिटर्न दाखिल किया या नहीं, दाखिल किया तो कितने का। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को बुला कर पूछताछ भी की जा रही है।
आयकर विभाग की सक्रियता बढ़ी : उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग ने कर चोरों पर निगाह रखने के लिए राज्यों में अचल संपत्ति के रजिस्ट्रार कार्यालय से नियमित रूप से सूचनाएं एकत्रित कर रहा है। इसके अलावा राज्यों के कोषागार से भी नियमित संपर्क स्थापित किया जा रहा है।
वहां यदि कोई व्यक्ति ढाई लाख रुपये से ज्यादा का स्टांप पेपर निकलवाता है तो उसकी सूचना आयकर विभाग के अधिकारियों को भेज दी जाती है।
आयकर विभाग इस समय अच्छी कमाई करने के बावजूद रिटर्न फाइल नहीं करने वाले लोगों पर विशेष नजर रख रहा है।
बैंकों, क्रेडिट कार्ड कंपनियों, पूंजी या शेयर बाजार में निवेश करने वालों, बैंक में जमा राशि पर मोटा ब्याज पाने वाले, लाखों रुपये के आभूषण आदि खरीदने वालों पर आयकर विभाग की कड़ी नजर है।