गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का संकल्प लिया है। किसानों के उत्पादों की लागत कम कर फसलों की सही लागत उपलब्ध करवाई जाएगी।
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गृहमंत्री शनिवार को सूरजकुंड में आयोजित द्वितीय कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन 2017 के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। पहले दिन इस सम्मेलन में प्रदेशभर से 17 हजार किसानों के पहुंचने का दावा किया गया।
गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने देशभर के किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत मंडियों से जोड़ने की योजना बनाई है। इसी क्रम में मार्च 2018 तक देशभर के 585 होलसेल मंडियों को इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम पोर्टल) से जोड़ा जाएगा, ताकि किसान घर बैठकर देशभर की मंडियों की जानकारी लेकर अपनी फसलों को आसानी से बेच सकें।
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21वीं सदी में कृषि क्षेत्र ही सनराइजिंग सेक्टर है जिसमें अपार संभावनाएं है
गृहमंत्री ने कहा कि दुनिया में कुछ लोगों का यह मिथक था कि खेती या कृषि में अब संभावनाएं समाप्त हो चुकी हैं लेकिन भारत मेें तकनीक के सहयोग से खेती में अपार संभावनाएं हैं। 21वीं सदी में कृषि क्षेत्र ही सनराइजिंग सेक्टर है जिसमें अपार संभावनाएं है।
कृषि को सम्मानजनक और लाभकारी पेशा बनाया जा सकता है। भाजपा सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2019 तक 76 लाख हेक्टेयर असिंचित भूमि को सिंचित बनाया जाएगा।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में असिंचित भूमि को सिंचित बनाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की देश की नदियों को जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के लिए कदम उठाए हैं। सिंचाई के लिए नाबार्ड के तहत 20 हजार करोड़ रुपये का एक फंड बनाया गया है।
सिंचाई के संकट को दूर करने के लिए सरकार की ओर से कोशिशें की जा रही हैं। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2019 तक 76 लाख हेक्टेयर असिंचित भूमि को सिंचित बनाया जाएगा। गृहमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में 90 लाख एकड़ क्षेत्र में खेती की जा रही है जिसमें हरियाणा देश में बासमती के उत्पादन में नंबर एक हैं।
धान, गेहूं और गन्ना उत्पादन में हरियाणा रिकार्ड उत्पादन करता है
फाइल फोटो: राजनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
धान, गेहूं और गन्ना उत्पादन में हरियाणा रिकार्ड उत्पादन करता है। प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की अगुवाई में राज्य के 340 गंावों को बागवानी गांवों के रूप में चिह्नित किया गया है।
इसी प्रकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए तथा नई नई तकनीकों को इजात करने के लिए प्रदेश में एक बागवानी विश्वविद्यालय खोला जा रहा है ताकि किसानों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
इसके पूर्व प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनकड़ ने गृहमंत्री समेत आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया और कृषि के विकास के लिए किए जा रहे सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री एसएस अहलूवालिया, केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, मेयर सुमन बाला, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर, उद्योगमंत्री विपुल गोयल, सीपीएस सीमा त्रिखा, विधायक मूलचंद शर्मा, टेकचंद शर्मा, चेयरमैन कृष्णा गहलौत, अजय गौड़ समेत अन्य पार्टी पदाधिकारी व अधिकारी उपस्थित थे।