कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भारतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत आम बजट को एक समग्र दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यदि बजट की घोषणाएं एक निश्चित समय सीमा में लागू की गईं तो निश्चित रूप से आय में वृद्धि होगी और दूसरी ओर उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से बाजार में नकद की तरलता बढ़ेगी तथा भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था में बदलने में देर नहीं लगेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में व्यापार और वाणिज्य को सुव्यवस्थित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। घरेलू विनिर्माण और आंतरिक व्यापार, किफायती आवास, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने, श्रम कानूनों को सुव्यवस्थित करने आदि को लेकर जो घोषणाएं की गईं हैं वे बेहद महत्वपूर्ण हैं। टैक्स ऑडिट की सीमा को एक करोड़ से 5 करोड़ तक करना एक बेहद सराहनीय कदम है, जिसका देश के व्यापारी स्वागत करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों को महत्व देना बजट की महत्वपूर्ण घोषणा है, जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित होंगी, क्योंकि यही कंपनियां व्यापारियों को अधिकांश ऋण उपलब्ध कराती हैं।
देशभर में बड़े बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार का ध्यान एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो देश के व्यवस्थित विकास के लिए अत्यधिक आवश्यक है। बजट घोषणाएं देश में अधिक निर्यात को बढ़ाएंगी और भारत वैश्विक बाजार में अधिक हिस्सेदारी हासिल कर सकेगा।
बजट में की गई घोषणाएं देश में घरेलू व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करेंगी। टेक्सटाइल सेक्टर में आयात को रोकने तथा फुटवियर, फर्नीचर आदि वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के प्रस्ताव से व्यापारियों और लघु उद्योगों को बड़ा सहारा मिलेगा।