हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को तिहाड़ जेल में 47 कैदियों से मारपीट के मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह निर्देश मारपीट के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर जमाल, आतंकी शाहिद यूसुफ व दया सिंह लाहोरिया के साथ मारपीट के मामले सामने आए थे। तिहाड़ में बंद 47 कैदियों ने जेल स्टाफ पर मारपीट व प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने इस पर जेल प्रशासन को जांच करने का निर्देश दिया था। मामले में तीन याचिकाएं दायर की गईं थीं।
जस्टिस एस. मुरलीधर व जस्टिस आईएस मेहता ने थाना हरि नगर के एसएचओ को याचिकाओं पर शिकायत के रूप में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने पुलिस को 22 जनवरी को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
दिल्ली पुलिस के स्थायी अधिवक्ता राहुल मेहरा ने बताया कि 14 सितंबर को हुई मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
याची की ओर बहस करते हुए अधिवक्ता मेहमूद प्राचा ने कहा कि एमएलसी के मुताबिक आई चोटों के मद्देनजर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। इस पर आपत्ति जताते हुए राहुल मेहरा ने कहा कि अगर हर मामले में एफआईआर की जाएगी, तो समस्या हो जाएगी।
खंडपीठ ने कहा कि संबंधित एसएचओ कानून के मुताबिक कार्रवाई करेंगे। हर मामले में एफआईआर नहीं हो सकती, लेकिन जब जांच रिपोर्ट संलग्न है तो एफआईआर करने में क्या परेशानी है। क्या सरकार एफआईआर करने से रोक सकती है। बेहतर होगा कि दिल्ली पुलिस इन याचिकाओं को शिकायत मानकर कार्रवाई करे।