नयी दिल्ली के रोहिणी स्थित जॉन पेट्रिक चर्च में शुक्रवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। शनिवार सुबह प्रबंधन के लोग जब चर्च पहुंचे तो उन्हें इसका पता चला। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पादरी ने घटना को गहरी साजिश बताया है। उनका कहना है कि जान बूझकर आग लगाई गई है। क्राइम ब्रांच के अलावा एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से सैंपल उठाए हैं।
हालांकि शुरुआती जांच के बाद पुलिस आग को एक हादसा बता रही है। लेकिन मामला संवेदनशील होने की वजह से पुलिस गंभीरता से जांच करवाने की बात कह रही है। जानकारी के मुताबिक रोहिणी सेक्टर छह मेन रोड पर जॉन पेट्रिक चर्च है। शनिवार सुबह चर्च में काम करने वाले जब पहुंचे तो देखा कि परिसर में बनी झांकी जलकर राख हो गई थी।
उन्होंने तुरंत आग की जानकारी चर्च के पादरी फैरील पेट्रिक को दी। चर्च पहुंचे पादरी ने इसके पीछे किसी शरारती तत्व के शामिल होने की आशंका जताई। सूचना पर जिले के तमाम पुलिस अधिकारी पहुंचे। साथ ही क्राइम और फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सैंपल उठाए।
चर्च के पादरी ने पुलिस को दी शिकायत में आशंका जताई है कि जिस तरह से दिसंबर में दिलशाद गार्डन के चर्च को शरारती तत्वों ने निशाना बनाया था, ठीक उसी तरह से उनके चर्च में भी आग लगाने की कोशिश की गई है।
इसके पीछे गहरी साजिश है और इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। जिला पुलिस उपायुक्त विक्रमजीत सिंह का कहना है कि फोरेंसिक टीम के उठाए सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के कारणों खुलासा हो पाएगा। फिलहाल चर्च में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।