फरीदाबाद की साइबर अपराध शाखा ने झारखंड के जामताड़ा से पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मोबाइल सिम कार्ड को अपग्रेड करने का झांसा देकर ठगी करने वाले पांच शातिर अपराधी सौरव निवासी जालंधर कैंट पंजाब, अजय मंडल निवासी डाभा केंद्र जामताड़ा, भरत कुमार मंडल, शत्रुघ्न मंडल उर्फ चरकूव नरेंद्र उर्फ लालू मंडल निवासी दारवे मधुपुर जिला देवघर झारखंड को गिरफ्तार किया है।
ये लोग थ्री जी व फोर जी सिम कार्ड को अपग्रेड करने का झांसा देकर प्राप्त जानकारी के आधार पर बैंक के साथ लिंक सिम कार्ड को स्वैपिंग के जरिए दूसरी सिम एक्टिव कराकर बैंक खाता साफ कर देते थे। साइबर अपराध शाखा ने आरोपियों के पास से 1.25 लाख रुपये नकद समेत 12 मोबाइल फोन व सिम कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस पीआरओ एसीपी धारणा यादव ने बताया कि आरोपियों ने सूरजकुंड के चार्मवुड सोसायटी में रहने वाले मुनीश कुमार जैन को भी आरोपियों ने एयरटेल कंपनी का प्रतिनिधि बनकर सिम कार्ड अपग्रेड करने का झांसा देकर उनका सिम कार्ड खुद एक्टिवेट करा लिया था। जिसके बाद उनके खाते से 2.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए थे। जिसकी शिकायत 24 जुलाई को सूरजकुंड थाने में दर्ज कर छानबीन शुरू की गई थी।
टेलीकाम कंपनी के प्रतिनिधि बनकर देते थे झांसा
पुलिस पीआरओ ने बताया कि आरोपी टेलीकाम कंपनी के कर्मचारी बनकर लोगों के पास कॉल करते थे। जिसके बाद लोगों को उनकी सिमकार्ड को 3जी से 4जी व एडवांस 5जी में सिम को अपग्रेड करने का झांसा देते थे।
उसके बाद आरोपी सिम कार्ड नंबर से अपनी बलैंक सिम का आईएमएसआई (IMSI) नंबर कस्टमर केयर नंबर पर भेजने को कहते थे। लोगों के सिम कार्ड को अपनी सिम पर एक्टिवेट कर आईफोन व लिंक बैंक खाते को हैक कर नेट बैंकिग के जरिए उनके खातों से पैसे निकाल लेते थे।
वारदात की शिकायत दर्ज कर टीम की गई थी गठितः इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने डीसीपी क्राइम मकसूद अहमद, एसीपी क्राइम अनिल कुमार, साइबर अपराध शाखा प्रभारी बसंत कुमार, जांच अधिकारी राजेश कुमार, एसआई योगेश कुमार, एएसआई बाबूराम, सत्यवीर समेत अन्य लोगों की टीम गठित कर मामले का पर्दाफाश करने की जिम्मेदारी सौंपी। जिले की साइबर अपराध शाखा की टीम ने तकनीक की सहायता से आरोपियों तक पहुंच कर नक्सली क्षेत्र झारखंड के जामताड़ा व देवघर से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ऐसे देते थे वारदात को अंजामः
एक मोबाइल नंबर को दूसरे सिम पर चालू कराने के लिए पहले से ही चालू सिम के द्वारा कस्टमर केयर के नंबर पर ब्लैंक सिम के आईएमएसआई नंबर मैसेज करना होता है। जिस पर पुरानी सिम कार्ड नंबर बंद हो कर नई सिम कार्ड चालू कर दिया जाता है। ऐसा करने के लिए आरोपी टेलीकॉम कंपनी के कर्मचारी बनते थे और लोगों को 4जी और 5G सिम कार्ड अपग्रेड कराने का झांसा देते थे।साइबर अपराध शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत कुमार ने बताया कि नेट बैंकिंग के जरिए खातों से पैसे निकालने के लिए इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल आरोपी करते थे।