देश की पहली सेमी हाई स्पीड गतिमान ट्रेन का फाइनल ट्रायल रन मंगलवार को नई दिल्ली से आगरा कैंट के बीच हुआ। रेलवे अधिकारी भले ही इस ट्रायल रन को सफल बता रहा हैं लेकिन ट्रायल रन में दिल्ली से आगरा पहुंचने में इसे 115 और वापसी में 105 मिनट लगे।
जबकि इसका लक्ष्य 90 मिनट रखा गया है। हालांकि ट्रायल रन स्पीड को लेकर नहीं रैक की जांच करने के लिए किया गया था।
ट्रायल रन के दौरान रेलवे अधिकारियों ने दोनों दिशाओं में 25 बाधाओं को इंगित किया।
जहां ट्रेनों की गति 30-125 किलोमीटर प्रतिघंटे रखने की मजबूरी रही। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि इन बाधाओं को बिना ट्रैक के दोनों किनारे फेंसिंग किए कैसे दूर किया जाए और 160 किलोमीटर की रफ्तार से इसे दौड़ाया जा सके।
ट्रैक पर ट्रेन की गति कायम रखने में परेशानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आगरा से दिल्ली आने में के लिए जारी निर्देश चार्ट में कुल नौ स्थानों पर ट्रेन की गति 30-125 किलोमीटर प्रतिघंटे रखने का निर्देश दिया गया था।