हाईकोर्ट ने बुराड़ी क्षेत्र में 14 वर्ष की बच्ची से रेप व हत्या मामले की जांच एसआईटी को सौंपने व दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने पर दिल्ली पुलिस व बुराड़ी थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
न्यायमूर्ति एके पाठक ने यह निर्देश डीसीडब्ल्यू द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। अदालत ने पुलिस को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि इस मामले की जांच क्यों न एसआईटी को सौंप दी जाए।
इसके अलावा डीसीडब्ल्यू की अध्यक्ष के खिलाफ प्राथमिकी क्यों दर्ज की गई और क्यों न प्राथमिकी रद्द कर दी जाए। इतना ही नहीं अदालत ने पीड़िता के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने दोनों पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के अलावा सरकारी वकील को एसआईटी के गठन पर भी दिशा-निर्देश लेने का निर्देश देते हुए सुनवाई 26 सितंबर तय की है।
डीसीडब्ल्यू ने दायर याचिका में बुराड़ी के संबंधित पुलिस अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए रेप से पीड़ित 14 वर्षीय बच्ची की नृशंस हत्या की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करवाने का आग्रह किया है।