सुनपेड़ गांव की घटना में जहां दलित समाज के पीड़ित ने अपने बच्चों को खोया है। वहीं आरोपी पक्ष के लोग भी अपने बच्चों से मिलने के लिए तड़प रहे हैं।
घटना के बाद से आरोपी पक्ष के कुछ लोग गांव से बाहर हैं, जो अभी भी पुलिस गिरफ्त में नहीं आए हैं। खेतों में धान की फसल कटी पड़ी है। पुरुषों के घर पर न होने के कारण खेतों का काम रुका पड़ा है। खेतों में काम करने के लिए मजदूर भी नहीं मिल रहे हैं।
ऐसे में घर से लेकर बाजार तक का मोर्चा घर की महिलाओं ने संभाल लिया है। आरोपी पक्ष में एक व्यक्ति मामले को निपटाने के लिए सक्षम था, लेकिन पीड़ित पक्ष ने उसका नाम एफआईआर में लिखा दिया।
पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर एडवोकेट एदल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। ऐसे में थाने चौकी के अलावा खेतों और बाजार की जिम्मेदारी महिलाओं ने संभाल रखी है।