अपनी चुनी हुई सरकार को दिल्ली में देखने की चाहत ने गम के बावजूद 75 वर्षीय सगीर अहमद को बूथ पर खींच लाया। पैर से लाचार कूंचा बकाउल्लाह निवासी सगीर अहमद की पत्नी का बीते शुक्रवार को देहांत हो गया था।
पूरा परिवार गमगीन है। लेकिन देश के एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते सगीर अहमद अपने बेटे असफाक के साथ पोलिंग बूथ पर अपने मत के अधिकार के लिए पहुंचे।
सगीर अहमद के घर से उनके बूथ की दूरी करीब दो सौ मीटर की थी। उनके बेटे ने उन्हें व्हील चेयर पर बिठाकर बूथ तक लाए। अपने मत के अधिकार का प्रयोग करने के बाद वह घर के लिए रवाना हो गए।
उनके बेटा असफाक ने बताया कि पिता इलाके के राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहते थे। कुछ दिन पहले ही वह पैरों से लाचार हो गए। इस बीच शुक्रवार को अम्मी का देहांत होने के बाद उन्हें गहरा सदमा हुआ। बावजूद उन्होंने शनिवार दोपहर में वोट डालने का फैसला किया।