तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर नरेश तेवतिया से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला है कि वारदात के अगले दिन हत्यारोपी अनिल भाटी दिल्ली के पटपडग़ंज स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती हो गया था।
शूटर नरेश तेवतिया और एक अन्य शूटर भी उसके साथ ही अस्पताल में थे। खास बात यह है कि मुख्य साजिशकर्ता अरुण यादव ने अस्पताल पहुंचकर सुपारी की रकम में से दो लाख रुपये दिए थे। पुलिस तमाम जगहों पर अपराधियों को ढूंढती रही और वे अस्पताल में पड़े रहे।
पुलिस के मुताबिक, साजिशकर्ता अरुण यादव, अनिल भाटी आदि के बैंकाक (थाईलैंड) जाने के दौरान वारदात की योजना विफल हो गई थी। इसके बाद अरुण यादव ने अपने निजी सहायक धर्मदत्त शर्मा उर्फ सोनू को शिवकुमार यादव की रेकी के लिए लगा दिया था।
सोनू ने हैबतपुर स्थित स्कूल में शिवकुमार की मौजूदगी की सूचना अरुण यादव व शूटर को दी। इसके बाद शूटर नरेश तेवतिया ने दो अन्य शूटरों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। वारदात के अगले दिन कुख्यात सुंदर भाटी का भतीजा अनिल भाटी दिल्ली के पटपडग़ंज स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती हो गया।
यहीं जाकर अरुण यादव ने अनिल भाटी को दो लाख रुपये दिए। इनमें से एक लाख रुपये नरेश तेवतिया को दिए गए। पुलिस के मुताबिक, दस लाख में से छह लाख रुपये की सुपारी की रकम का भुगतान अरुण ने अनिल को कर दिया था।