शालीमार बाग में प्रिया मेहरा की गोली मारकर हत्या क्या वाकई रुपयों के लेन-देन में की गई। पुलिस के सामने यह अभी पहेली ही बनी हुई है। पंकज पुलिस को जो कहानी सुना रहा है, उसमें कई झोल हैं।
इसे देखते हुए पुलिस ने अभी पंकज को भी हत्याकांड से क्लीन चिट नहीं दी है। पुलिस हर दृष्टिकोण से मामले की छानबीन कर रही है। इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं हत्याकांड में पंकज का ही हाथ तो नहीं है।
पुलिस पति-पत्नी के बीच संबंधों का पता लगा रही है। इसके लिए पुलिस ने प्रिया और पंकज के मोबाइल की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंकज जो कहानी पुलिस को सुना रहा है, उसमें कई झोल हैं।
धमकियों की पुलिस से क्यों नहीं की शिकायत
कार जिसमें प्रिया मेहरा को गोली लगी
पंकज ने बताया है कि बदमाशों ने उसकी कार रुकवाकर उसके साथ हाथापाई की। ऐसे में उसके साथ मारपीट के कोई खास निशान नहीं हैं। वहीं बदमाशों को कैसे पता चला कि पंकज अपने भाई के रेस्तरां में है और वहां से गुरुद्वारे गया, बाद में 4.20 पर उस पर हमला किया गया।
तड़के 4.20 का समय भी पुलिस को हजम नहीं हो रहा है। प्रिया चालक की बराबर वाली सीट पर बैठी हुई थी। शुरुआती जांच के बाद पता चला कि प्रिया को चालक की ओर से बेहद नजदीक से दो गोलियां मारी गईं।
पुलिस को घटनास्थल से कोई सीसीटीवी फुटेज भी नहीं मिली है। कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी सोची समझी साजिश के तहत तड़के का समय चुनकर वारदात को अंजाम दिया गया हो।
वहीं प्रिया ढाई माह से अपने मायके के पास किराये के मकान में पति के साथ रह रही थी। ऐसे में कहीं पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर तनाव तो नहीं था। ऐसे में पुलिस पंकज पर भी शक करके चल रही है, लेकिन अगर पंकज हत्याकांड में शामिल है तो उसने हत्या क्यों करवाई, पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस प्रिया के परिजनों से भी पूछताछ कर रही है।
मूल व ब्याज की रकम बढ़ते-बढ़ते अब 40 लाख रुपये पहुंच गई
प्रिया मेहरा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कारोबार में घाटा होने के बाद पंकज ने सोनीपत के रहने वाले मोनू व उसके भाई पवन से मोटे ब्याज पर पांच लाख रुपये उधार लिए थे। मूल व ब्याज की रकम बढ़ते-बढ़ते अब 40 लाख रुपये पहुंच गई थी।
रुपये न लौटाने पर पंकज व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पंकज ने इसकी शिकायत पुलिस से क्यों नहीं की। वहीं पंकज का कहना है कि वह अपने वकील के जरिये जल्द ही शिकायत करने वाला था।
बंद कर रखा था अपना रेस्तरां
पंकज के पिता सीएल मेहरा का चांदनी चौक में कपड़ों का कारोबार है। कुछ समय पूर्व तक वह अपने पिता के साथ काम करता था, लेकिन बाद में उसने पहाड़गंज में रेस्तरां खोल लिया था। पंकज का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उसने अपना रेस्तरां बंद कर रखा था। पुलिस को पंकज की यह कहानी भी हज्म नहीं हो रही है।
गोलीबारी में बाल-बाल बचा बेटा
प्रिया की हत्या के पीछे चाहे कोई भी हो, लेकिन यह हकीकत है कि जब प्रिया को गोलियां मारी गईं, तो बेटा उसकी गोद में सो रहा था। गोलियों की आवाज से उसकी नींद खुद गई और जोर-जोर से रोने लगा। जानकारों की मानें तो गोलियां थोड़ी दाएं-बाएं होतीं, तो बेटे की जान को खतरा हो सकता था।