फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साइको किलर : छह हत्याओं के बाद भी नहीं जागी पुलिस, अब भी निजी अस्पतालों में पाई गई ये बड़ी कमी

Sun, 07 Jan 2018 10:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
विज्ञापन
psycho killer - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

साइको किलर नरेश धनखड़ द्वारा की गई छह हत्याओं के दौरान एक निजी अस्पताल में महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने अस्पताल संचालक डाक्टर व स्टाफ के खिलाफ हत्या का मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन आज तक यह सुनिश्चित नहीं किया है कि जिले के निजी अस्पतालों में सुरक्षा कर्मी तैनात हो।

विज्ञापन


निजी अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों को तैनात कराने व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने में न तो पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग गंभीर दिखाई दे रहा है और न ही निजी अस्पताल संचालक।

आज भी जिले में इक्का-दुक्का अस्पतालों को छोड़कर किसी भी अस्पताल में न तो सुरक्षा गार्ड तैनात हैं और न ही मरीजों की सुरक्षा को लेकर अन्य सुविधाएं हैं। जिला पलवल में 100 के करीब छोटे-बड़े निजी अस्पताल व नर्सिंग होम हैं।

विज्ञापन

एक-आद अस्पतालों को छोड़कर हर जगह सुरक्षा के प्रबंध ढीले हैं

psycho killer - फोटो : अमर उजाला
इनमें बड़ी तादाद में मरीज भर्ती रहते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के प्रबंध देखे जाएं तो इक्का-दुक्का अस्पताल को छोड़कर किसी में भी नहीं हैं। ज्यादातर नर्सिंग होम्स में तो रात के समय मरीजों के साथ केवल नर्सिंग स्टाफ ही रहता है।

डॉक्टर तो शाम ढलते ही घरों को चले जाते हैं। ऐसे में पीछे से अस्पताल का पूरा संचालन नर्सिंग स्टाफ के कंधों पर रहता है। यदि पीछे से कोई गंभीर मरीज आ जाए तो उसे डॉक्टर से पहले नर्सिंग स्टाफ देखता है और उसकी जानकारी डाक्टर को देता है।

फिर डाक्टर का मन है कि वह अस्पताल मरीज को देखने आए या फिर उसे आगे भिजवा दे। इसी तरह अस्पताल में न तो दिन के समय और न ही रात के समय कोई सुरक्षा गार्ड रहता है। यदि किसी नर्सिंग होम में सुरक्षा गार्ड है भी तो रात को डॅाक्टर के जाते ही आराम फरमाने लग जाते हैं।
विज्ञापन

निजी अस्पतालों के बाहर कोई गार्ड नहीं

psycho killer - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला की टीम ने इस संदर्भ में शुक्रवार व शनिवार को जिले के निजी अस्पतालों का दौरा कर वहां सुरक्षा गार्डों की तैनाती के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि कहीं भी सुरक्षा गार्ड नहीं है।

कई अस्पताल संचालकों ने तो बात ही नहीं की और एक-दो संचालकों ने बताया कि दिन के समय तो गार्ड की जरूरत नहीं है तो केवल रात में गार्ड लगाए हुए हैं। इतना ही नहीं शुक्रवार की देर रात को भी कई निजी नर्सिंग होम्स में दौरा किया तो वहां रात को भी सुरक्षा गार्ड नहीं मिले।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें