प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव केसी मित्तल, अमन पंवार, एडवोकेट विरेन्द्र कसाना, एडवोकेट सुनील कुमार, मेहदी माजिद इत्यादि मौजूद थे।
माकन ने निर्वाचन अधिकारी को बताया कि एनडी गुप्ता वर्तमान में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली ट्रस्ट के ट्रस्टी और एनपीए के बोर्ड ऑफ ऑडिट समिति के अध्यक्ष भी है। एनपीएस की वेबसाइट के अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा 30 मार्च 2015 को एनडी गुप्ता को 1,74,500 करोड़ की एनपीएस ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाया था, वे आज तक ट्रस्टी है।
उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार का आफिस ऑफ प्रोफिट का पद है, क्योंकि ट्रस्टी सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है और एनपीएस ट्रस्ट सभी सरकारी कर्मचारियों के पेंशन का प्रबंधन करता है।
माकन ने कहा कि नारायण दास गुप्ता 8 सितम्बर 2015 से नेशनल पेंशन स्कीम ट्रस्ट की ऑडिट कमेटी के चैयरमेन भी है और वे ऑडिट कमेटी के चैयरमेन के पद पर आज तक आसीन है तथा ऑडिट कमेटी के चैयरमेन का पद भी ऑफिस ऑफ प्रोफिट की परिभाषा में आता है।
दिल्ली से तीन खाली राज्यसभा सीटों के लिए आप पार्टी द्वारा चुने गए तीन उम्मीदवारों में से एक एनडी गुप्ता हैं, वहीं अन्य व्यक्तियों में सुशील गुप्ता और आप के नेता संजय सिंह हैं। उन्होंने 4 जनवरी को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था।
संवाददाताओं को संबोधित करते हुए अजय माकन ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि जो भी सरकार के ऑफिस ऑफ प्रोफिट का पद ग्रहण करता है, उसे अपना चुनाव लड़ने से पहले उस पद से इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा नारायण दास गुप्ता का नामांकन संविधान के अनुच्छेद 102 तथा रिप्रजेन्टेशन ऑफ प्यूपल एक्ट 1951 की धारा की 36 के अनुसार रद्द होना चाहिए।