नोएडा को प्लास्टिक मुक्त करने और इको-फ्रेंडली बनाने के लिए प्राधिकरण अब अपनी नर्सरी में प्लास्टिक से बने गमलों का उपयोग नहीं करेगा। इसके लिए प्राधिकरण ने एक योजना तैयार की है। जिसके तहत गाय के गोबर से इको-फ्रेंडली गमले बनाए जाएंगे। इसे उद्यान विभाग नर्सरी और अन्य स्थानों पर उपयोग करेगा।
अधिकारियों के मुताबिक ,पर्यावरण का संरक्षण और शहर को स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्राधिकरण ने कदम बढ़ाया है। इसका मकसद शहर को प्लास्टिक से मुक्त किया जाना है। इस कड़ी में गाय के गोबर से गमले बनाए जाएंगे और इसे उद्यानों में उपयोग में लाया जाएगा।
दरअसल, नोएडा को इको-फ्रेंडली शहर के तौर पर विकसित करने की योजना है। इसलिए गोबर को प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर उपयोग करने का प्रयास है। यह पौधों के विकास में भी मदद करेगा। नोएडा में वर्तमान में सेक्टर-8, 34 और 39 में तीन नर्सरी है।
यहां इसका उपयोग किया जाएगा। इनकी सफाई और इन्हें तैयार करने और सुखाने की प्रक्रिया के लिए सौर ताप का उपयोग किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया इको-नेचुरल और इको-फ्रेंडली है। इसे बनाने के लिए किसी तरह के केमिकल का उपयोग नहीं किया जाएगा।
यहां प्रति घंटे गोबर के 30 गमले तैयार किए जाएंगे। नर्सरी की आवश्यकतानुसार इसे बनाया जाएगा। वहीं, इन गमलों को 30 रुपये में बेचा भी जा सकेगा।