मुसीबत के समय में मदद के लिए किसी का इंतजार करने की बजाय अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए आत्मनिर्भर होना जरूरी है। इसी संदेश के साथ बुधवार को दिल्ली के वसुंधरा एंकलेव स्थित राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अमर उजाला के ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल’ अभियान के तहत छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। शिविर में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सीखा कि किस तरह जूडो-कराटे के छोटे-छोटे दांव से वे किसी भी शरारती तत्व को सबक सिखा सकती हैं।
मानव एकेडमी ऑफ मार्शल आर्ट के कोच सेंसई सुरजीत पाल ने छात्राओं को मुसीबत के समय असामाजिक तत्वों से लड़ना सिखाया। इस दौरान छात्राओं को विभिन्न सुरक्षात्मक उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया और आत्मरक्षा के पैंतरों से भी अवगत कराया गया। इस दौरान बताया गया कि आत्मरक्षा के लिए किसी उपकरण या हथियारों की आवश्यकता नहीं है।
थोड़ी सी सावधानी, सतर्कता एवं आत्मविश्वास के साथ हम किसी भी दुर्घटना से बच सकते हैं। स्कूल की उप प्रधानाचार्या ऊषा राजपूत ने कहा कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं हैं। हिम्मत, साहस और मजबूत इरादों के साथ हर कार्य करना चाहिए। हर लड़की को जूडो-कराटे आदि का प्रशिक्षण लेना चाहिए, क्योंकि ये हुनर किसी भी समय उनके काम आ सकता है।
लड़कियां लड़कों से कम नहीं हैं। कार्यक्रम से बहुत कुछ सीखने को मिला है। यदि कोई मनचला परेशान करेगा तो आत्मविश्वास के साथ उसका डटकर मुकाबला करूंगी।- गुड्डी, छात्रा
बहुत कुछ सीखने को मिला है। मुसीबत के समय हम अपनी सुरक्षा खुद कर सकें, न केवल इसकी जानकारियां दी गई बल्कि मनचलों से निपटने के पैंतरे भी सिखाए गए। - तृप्ति शर्मा, छात्रा
स्वयं की सुरक्षा कैसे की जा सकती है, अभियान के तहत हमें सीखने को मिला है। जूडो-कराटे जैसे पैंतरे सीखने से आत्मविश्वास बढ़ता है। - ज्योति कुमारी, छात्रा
स्कूल प्रबंधन की ओर से समय-समय पर हमें आत्मरक्षा को लेकर जानकारियां दी जाती रही हैं। आज सीखा हुनर किसी भी समय काम आ सकता है। - सृष्टि, छात्रा
पढ़ाई से हटकर भी छात्राओं को जागरूक करने के लिए इस तरह के अभियान चलाए जाने की जरूरत है। अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान चलाकर अमर उजाला सामाजिक भागीदारी निभा रहा है।- ऊषा राजपूत, उप प्रधानाचार्या