नोएडा जिला अस्पताल में जल्द ही कल्चर टेस्ट की सुविधा शुरू होने जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि माइक्रोबॉयोलोजिस्ट की नियुक्ति हो चुकी है, इसलिए अब कल्चर टेस्ट शुरू करने के लिए जरूरी चीजें मंगाई जा रही हैं।
जब किसी मरीज पर दवा का असर नहीं होता है तो डॉक्टर दवा बदल देते हैं। कल्चर टेस्ट के जरिए दवा के प्रभाव न होने का कारण पता चल जाता है। जिला अस्पताल में इसकी सुविधा न होने की वजह से अस्पताल प्रशासन को भी खासी परेशानी होती थी।
वहीं, ऑपरेशन थियेटर में भी बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए कल्चर टेस्ट किया जाता है। अगर ऑपरेशन थियेटर में किए गए कल्चर टेस्ट में बैक्टीरिया का पता चलता है तो उसको खत्म किया जाता है, ताकि संक्रमण ना हो।
सीएमएस डॉक्टर अजेय अग्रवाल ने बताया कि अभी कल्चर टेस्ट कराने की जरूरत पड़ने पर मेरठ मेडिकल कॉलेज में सैंपल भेजने पड़ते हैं। इससे हमलोगों को बहुत परेशानी होती है।
जिला अस्पताल में बच्चों के खांसी के सिरप की किल्लत
जिला अस्पताल में बच्चों के खांसी के सिरप की किल्लत हो गई है जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। ऐंटी रेबीज(कुत्ते काटने के)इंजेक्शन भी खत्म हो गए हैं। जिस कारण प्रतिदिन करीब 60 से 70 लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में हर रोज बड़ी संख्या में मां- बाप बच्चों को इलाज के लिए लेकर आते हैं। इसमें से कई बच्चों को डॉक्टर खांसी का सिरप भी लिखते हैं। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से खांसी के सिरप की कमी चल रही है, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्हें मजबूरन बाहर से सिरप खरीदना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन द्वारा ऑर्डर भेज दिया गया है। जल्द ही दवाइयों और इंजेक्शन की कमी पूरी हो जाएगी।