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मानसरोवर हत्याकांड में 5 आरोपी धरे, मृत गार्ड भी था साजिशकर्ता तो क्यों उतारा उसे मौत के घाट

Thu, 07 Dec 2017 10:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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mansarovar murder case - फोटो : अमर उजाला
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मानसरोवर पार्क इलाके में सात अक्तूबर को जिंदल परिवार की चार महिलाओं और उनके गार्ड की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने दो माह बाद सुलझा लिया है। हत्याकांड की साजिश मृत गार्ड राकेश कुमार ने लूटपाट के लिए अपने बेटे व दामाद के साथ मिलकर रची थी, लेकिन कहीं पिता राज न खोल दे, इसलिए बेटे व दामाद ने उसकी गला रेत कर हत्या कर दी।
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हत्याकांड में मृत गार्ड के बेटे गांव नंगला, बागपत निवासी अनुज कुमार (25), दामाद गांव कंदेरा, रामबाला, बागपत निवासी विकास उर्फ विक्की (26), विकास की बुआ के लड़के लोनी निवासी सन्नी (22), एक और विकास उर्फ विक्की (30) व नीरज (37) को मंगलवार देर रात गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल एक चाकू, 50 हजार रुपये कैश और कुछ जेवरात बरामद किए हैं। पुलिस को इस मामले में अभी दो आरोपियों की तलाश है। अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि हत्याकांड के बाद दिल्ली पुलिस की लगभग सभी जांच एजेंसियों ने मामले की छानबीन शुरू की।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि किसी ऐसे शख्स ने सभी के गले रेते थे, जिसे शरीर के अंगों की जानकारी थी। साथ ही उसे यह भी पता था कि किस जगह की नस काटने से बिना शोर मचाए जल्दी मौत हो जाएगी।

mansarovar murder case - फोटो : अमर उजाला
जांच के दौरान पता चला कि मृत गार्ड राकेश का दामाद जीटीबी अस्पताल में सफाई कर्मचारी है। वह मॉर्चरी समेत कई विभागों में काम कर चुका है। पुलिस ने दामाद विकास पर नजर रखनी शुरू की।

शक के आधार पर उससे पूछताछ की गई, तो वह टूट गया। उसने बताया कि वह हत्याकांड में शामिल है। दरअसल, राकेश 15 साल से जिंदल परिवार के यहां गार्ड था। उसे पता था कि जिंदल परिवार की महिलाएं उर्मिला जिंदल (78), उसकी तीन बेटियां संगीता गुप्ता (52), नूपुर जिंदल (48) और अंजली जिंदल (45) मोटा कैश व जेवरात घर में रखती हैं।

राकेश अगस्त में अपने गांव छपरौली-नंगला गया था। वहां उसने पत्नी कृष्णा, बेटे अनुज व दामाद विकास को बताया कि जिंदल परिवार के घर लूटपाट कर मोटी रकम प्राप्त की जा सकती है। उसी समय लूटपाट की योजना रच ली गई।

अनुज ने अपने दो सहयोगी नीरज और दीपक को साजिश के बारे में बताया। वहीं विकास ने अपनी बुआ के लड़के सन्नी व अन्य रिश्तेदार विकास उर्फ विक्की (दूसरा) और दोस्त नितिन को इसके बारे में बताया।
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mansarovar murder case - फोटो : अमर उजाला
25 सितंबर की शाम को विकास, अनुज और सन्नी ने मानसरोवर पार्क में जिंदल परिवार की रेकी की। छह-सात अक्तूबर की रात को वारदात को अंजाम देने की बात हुई। सभी सातों आरोपी विकास, अनुज, सन्नी, दीपक, नीरज, नितिन और विकास उर्फ विक्की लोनी में इकट्ठा हुए।

रात करीब 2 बजे दो ऑटो से आरोपी मानसरोवर पार्क पहुंचे। कोई भी आरोपी मोबाइल नहीं लेकर आया था। राकेश दामाद विकास को ऊपर ले गया। राकेश के कहने पर नूपुर ने दरवाजा खोला।

दरवाजा खोलते ही विकास ने उसका गला रेत दिया। बाकी आरोपी अंदर दाखिल हो गए। चारों की हत्या करने के बाद घर की अलमारी तोड़ दी। इधर, गार्ड राकेश नीचे नजर रखने के लिए आ गया।

सभी माल लेकर नीचे पहुंचे, तो विकास व अनुज ने भेद खुलने के डर से पिता राकेश की हत्या कर दी। बाद में सभी आरोपी फरार हो गए। तड़के 4 बजे सभी आरोपी जीटीबी अस्पताल के पास पहुंचे। वहां लूटे गए 14 लाख रुपये सात जगह बंट गए। जेवरात भी बांट दिए गए। अगले दिन सभी अपनी-अपनी ड्यूटी पर लौट आए। पुलिस को किसी पर शक नहीं हुआ।

इस मामले में पुलिस को फिलहाल दीपक और नितिन की तलाश है। पुलिस इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में राकेश की पत्नी शामिल थी या नहीं, उससे पूछताछ जारी है।
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