खिड़की एक्सटेंशन में युगांडा की महिलाओं के साथ मारपीट व छेड़छाड़ के मामले में पुलिस अभी तक पता नहीं लगा पाई है कि इसमें कौन लोग शामिल थे। अदालत ने पुलिस को अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 10 सितंबर तक का समय प्रदान किया है।
साकेत स्थित मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक कुमार के समक्ष शनिवार को पुलिस ने तर्क रखा कि अभी मामले की जांच जारी है और जल्द ही रिपोर्ट दाखिल की जाएगी।
अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर बार पुलिस रिपोर्ट दाखिल करने का तर्क रखती है, लेकिन रिपोर्ट पेश नहीं की जा रही।
अदालत ने पुलिस से पता लगाने को कहा है कि आखिर तत्कालीन मंत्री सोमनाथ भारती के नेतृत्व में सेक्स व नशीली दवाओं के खिलाफ इस विवादस्पद अभियान में कौन लोग शामिल थे।
16 जनवरी की देर रात हुई इस वारदात में अदालत के निर्देश पर 19 जनवरी को महिलाओं के अपमान सहित विभिन्न आपराधिक धाराओं में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।