साथ ही गुहार लगाई थी कि मीडिया द्वारा यह मामला हाईलाइट किया जा रहा है, जिससे उनकी बदनामी हो रही है। इसलिए छात्र व स्कूल के नाम को उजागर करने पर रोक लगाई जाए। इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सोमवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।
सोमवार को अदालत ने आरोपी छात्र की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि परिजनों द्वारा जमानत के लिए दायर की गई अपील में कोई ऐसा आधार नहीं दिया गया जिससे उसकी जमानत को स्वीकार किया जा सके। इसके लिए अदालत ने उन पर 21 हजार रुपये का जुर्माना (कोस्ट) भी लगाया है।
यह जुर्माना इस मामले में हुई सात सुनवाई के लिए 3 हजार रुपये प्रति सुनवाई के अनुसार लगाया गया है जोकि परिजनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराना होगा।
उधर, अदालत ने इस मामले में छात्र व स्कूल के नाम का प्रयोग किए जाने पर पाबंदी लगा दी है। अदालत ने कार्यवाही के दौरान भी असली नामों की जगह काल्पनिक नाम का प्रयोग किए जाने का आदेश दिया है।