गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के साथ अब दिल्ली भी स्वाइन फ्लू को लेकर प्रभाव देखने को मिल रहा है। पिछले एक माह के भीतर राजधानी में स्वाइन फ्लू के चलते दूसरे मरीज की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज स्वाइन फ्लू ग्रस्त था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में अब तक स्वाइन फ्लू से दो लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 119 मरीज अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं।
मंत्रालय ने दिल्ली स्वास्थ्य विभाग को इस ओर ठोस कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके बाद दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू पर अलर्ट रहने के निर्देश जारी कर दिए।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन दिनों स्वाइन फ्लू के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। दिल्ली में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में दिखाई दे रही है, लेकिन अगले दो माह में मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है। इस साल स्वाइन फ्लू से पहली मौत दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में पिछले माह हुई थी।
क्या कहती है सरकार की रिपोर्ट
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 21 अक्तूबर तक देश में स्वाइन फ्लू के कारण 615 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि इसके कारण 8025 लोग बीमार पड़ चुके हैं। सर्वाधिक मौतें महाराष्ट्र (259), राजस्थान (200) और गुजरात में 51 हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार 14 अक्तूबर तक दिल्ली में स्वाइन फ्लू ग्रस्त मरीजों की संख्या 95 थी, लेकिन इसके बाद महज सात दिन के भीतर अस्पतालों की ओर से 24 नए मरीजों के सामने आने की पुष्टि हुई है।
बॉक्स : स्वाइन फ्लू से बचने के लिए करें उपाय
एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर नवल विक्रम के मुताबिक अगर सर्दी, खांसी और बुखार के अलावा डायरिया हो जाए तो स्वाइन फ्लू का पता लगाने के लिए तुरंत एच1एन1 की जांच करानी चाहिए। डॉक्टर विक्रम के मुताबिक स्वाइन फ्लू में बुखार के साथ सर्दी जुकाम, सांस लेने में परेशानी होती है। गले में दर्द भी हो सकता है।
उन्होंने बताया कि कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को यह बीमारी तेजी से हो सकती है। डॉक्टर नवल के मुताबिक इसके लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाने के अलावा आराम करना, खूब पानी पीना, शरीर में पानी की कमी न होने देना ही इससे बचाव के बेहतर उपाय हैं।