इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि गैर संचारी रोगों से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। इसके लिए लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। वहीं डॉ. आरएन कालरा का कहना है कि युवाओं में फैल रहे ह्दयरोग और मधुमेह को रोकना बेहद जरूरी है। सफदरजंग अस्पताल के किडनी विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु वर्मा के अनुसार किडनी फेलियर की वजह से मौतें हो रही हैं। जबकि लोग समय समय पर जांच कराने से बचाव कर सकते हैं। एम्स के श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. करण मदान का कहना है कि श्वसन संबंधी संक्रमण के अलावा क्रोनिक बीमारियों से बचाव बेहद जरूरी है।
अध्ययन के अनुसार दिल्ली में 0 से 14 वर्ष की आयु के बीच सर्वाधिक मौतें संक्रमण से हो रही हैं। इसमें डायरिया, श्वसन संक्रमण, प्रसवकालीन और संतुलित आहार न मिलना इत्यादि शामिल हैं। चार वर्ष तक की आयु की बात करें तो डायरिया और श्वसन संक्रमण की चपेट में आने से सर्वाधिक मौतें बच्चियों की हुई हैं।
वर्ष 2017 में हुई मौतों को अगर आयुवर्ग में देखे तो 15 से 49 वर्ष के दौरान सर्वाधिक मौतें ह्दय रोग और लिवर व एल्कोहल के ज्यादा सेवन से जुड़ी हैं। जबकि 50 वर्ष से ऊपर के लोगों की मौत में ह्दय रोग के अलावा टीबी व श्वसन संबंधी बीमारियां कारण बनीं।