दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल में सीबीआई मामले पर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि लोकतंत्र को मोदी ने मजाक बना दिया है। संवैधानिक ढांचे पर प्रहार कर रहे है। पिछले दिनों उन्होंने दिल्ली सरकार से एंटी करप्शन ब्रांच को छीन दिया। मोदी व अमित शाह की जोड़ी भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा है। मैं कड़े शब्दों में इसकी निंदा करता हूं।
माना जा रहा है कि केजरीवाल आज कोलकाता जा सकते हैं। उन्होंने ट्वीट किया, मैंने ममता दीदी से बात की और अपना समर्थन उनके साथ जताया। मोदी-शाह की जोड़ी काम पूरी तरह अजीब और लोकतंत्र के खिलाफ है।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सीबीआई बनाम ममता विवाद पर कहा कि केंद्र सरकार ने जो भी पश्चिम बंगाल में किया वह बहुत ही खतरनाक और संविधान व लोकतंत्र के खिलाफ है।
हर राज्य के पास चुनी हुई सरकार है, अगर प्रधानमंत्री इस तरह से सीबीआई और ईडी को भेजकर अफसरों को डराते रहे तो यह देश सुरक्षित नहीं रह जाएगा।
क्या है पश्चिम बंगाल का सीबीआई विवाद
कोलकाता में रोजवैली और शारदा चिटफंड घोटाले की जांच से जुड़ी फाइलें गायब होने को लेकर कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने पहुंचे 15 सीबीआई अधिकारियों और स्थानीय पुलिस के बीच रविवार को टकराव हुआ। कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के सभी अधिकारियों को हिरासत में लिया। इसके बाद सीएम ममता बनर्जी भी अपने अधिकारी के पक्ष में धर्मतल्ला इलाके में धरने पर बैठ गईं।
मुख्यमंत्री, प्रदेश के डीजीपी और मेयर भी कमिश्नर के घर पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जंग का एलान कर दिया। ममता बनर्जी का केंद्र सरकार के खिलाफ धरना जारी है। चालीस करोड़ रुपये के शारदा चिट-फंड घोटाले में रविवार को कोलकाता पुलिस और सीबीआई में तनातनी के बाद कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ लामबंद हो गया। इन सबने केंद्र सरकार को जमकर कोसा।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी रविवार रात को आठ बजे से ही केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी हुई हैं। यह धरना उन्होंने राज्य के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को चिटफंड घोटाले के आरोप में गिरफ्तार करने के लिए आए सीबीआई अधिकारियों के विरोध में बैठी हैं। उनका कहना है कि यह संकट खत्म न होने तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सोमवार को विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया जाएगा। इससे पहले वह धरनास्थल के पास ही बने एक कमरे में मंत्रियों के साथ बैठक करेंगी और सदन को फोन से संबोधित करेंगी।