मालेरकोटला में पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मामले में फंसे आप के दिल्ली से विधायक नरेश यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शनिवार को संगरूर सीआईए स्टाफ बहादरसिंहवाला में पुलिस ने नरेश यादव और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों को आमने-सामने बिठाकर करीब नौ घंटे लंबी पूछताछ की।
पुलिस का दावा है कि नरेश के खिलाफ कई पुख्ता सुबूत मिले हैं और किसी भी समय उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। बता दें कि पांच जुलाई को पटियाला सीआईए स्टाफ में भी विधायक नरेश यादव और मामले में पकड़े गए विजय कुमार को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई थी।
लेकिन तब यादव ने जिन सवालों का जवाब दिया था उससे संगरूर पुलिस संतुष्ट नहीं थी जिसके चलते उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए शनिवार को 11 बजे सीआईए स्टाफ बहादरसिंह वाला में बुलाया गया था।
पुलिस पर लगाया दुर्व्यव्हार और अपमानित करने का आरोप
पुलिस
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शनिवार को विधायक नरेश करीब साढे ग्यारह बजे सीआईए स्टाफ बहादरसिंहवाला पहुंचे। उनके साथ आप के पंजाब कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर, सांसद भगवंत मान, हिम्मत सिंह शेरगिल भी आए।
इस दौरान उनके समर्थक बड़ी संख्या में पहुंचे हुए थे। पूछताछ के लिए एसएसपी संगरूर प्रितपाल सिंह थिंद, एसपी (डी) जसकरनजीत सिंह तेजा सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे। एसएसपी ने बताया कि इस दौरान विधायक से करीब सौ सवाल पूछे गए, जिसमें कई अहम सुबूत मिले हैं।
पुलिस ने अपमानित किया: नरेश
सीआईए स्टाफ में पूछताछ का सामना करने के बाद बाहर आए विधायक नरेश यादव ने कहा कि पूछताछ के दौरान पुलिस का व्यवहार उनसे अच्छा नहीं था। सवाल पूछते समय उन्हें अपमानित किया गया।
उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं तो उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पुलिस जब भी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाएगी, वह आएंगे।