इमरजेंसी नर्सेज डे: निगरानी और समय पर इलाज में निभाती हैं अहम भूमिका
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। डॉक्टर के इलाज शुरू करने से पहले नर्सें मरीज की हालत समझने और तत्काल मदद उपलब्ध कराने में जुटी रहती हैं। पूर्वी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर, स्वामी दयानंद, लाल बहादुर शास्त्री, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान जैसे सरकारी अस्पतालों में नर्सें महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।
वे मरीज के पहुंचने पर उसकी पल्स, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर की जांच करती हैं। साथ ही, मरीज की स्थिति पर नजर रखती हैं और डॉक्टर को तुरंत जानकारी देती हैं। जीटीबी अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक प्रवीण कुमार के अनुसार, इमरजेंसी में मरीजों की संख्या लगातार बदलती रहती है। कई बार एक साथ सड़क हादसे के घायल और सांस की परेशानी वाले मरीज पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों की गंभीरता के अनुसार इलाज की प्राथमिकता तय करने में नर्सिंग स्टाफ की अहम भूमिका होती है।
नर्सों के सामने चुनौतियां
स्वामी दयानंद अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक सुनीता कुजूर ने बताया कि गंभीर बीमारी या हादसे के समय मरीज के परिजन भी घबराए होते हैं। नर्सों को उन्हें मरीज की स्थिति समझानी होती है, जरूरी जानकारी देनी होती है और इलाज के दौरान सहयोग करना होता है। यह उनके काम का एक अहम हिस्सा है। हालांकि, लगातार काम, मानसिक दबाव और व्यस्त शिफ्ट उनके लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।