वैश्विक संक्रमण की वजह बन चुके कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के सैंपल की जांच अब फरीदाबाद में भी हो सकेगी। एनआईटी-3 स्थित मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए विरोलॉजी लैब स्थापित की जा रही है। इसकी तैयारियां मेडिकल कॉलेज में शुरू हो चुकी हैं। आगामी एक सप्ताह में संभव है कि यह तैयारी पूरी हो जाए।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज ने इंडियान काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से रिवर्स टेस्टिंग पॉलीमियर्स चेन रिएक्शन (आरटीपीसीआर) की मांग की है। आरटीपीसीआर कोरोना वायरस संक्रमण जांच के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी वाली मशीन है, जो दो से चार दिन में उपलब्ध हो सकती है। ऐसा होता है तो फरीदाबाद सहित कई अन्य जिलों खासतौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) को इसका फायदा होगा।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डिप्टी डीन डॉ. एनके पांडेय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि विरोलॉजी लैब स्थापित करने की प्रक्रिया बहुत पहले से जारी थी। इसके लिए मान्यता मिल चुकी है। लैब स्थापित करने के लिए काम शुरू हो चुका है। इन दिनों कोविड-19 की जांच के लिए विरोलॉजी लैब की जरूरत है। चूंकि कोरोना वायरस संक्रमण की जांच जिनॉमिक टेस्ट के जरिये हो सकती है, इसके लिए आरटीपीसीआर मशीन की जरूरत होती है।
ऐसे में प्रक्रिया को तेज करने की मांग की गई है। इसकी मांग आईसीएमआर को भेजी जा चुकी है। संभव है दो से चार दिन में यह मशीन उपलब्ध हो जाए। आईसीएमआर ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी की जांच किट को मान्यता दे दी है। इससे अमेरिका और यूरोप से निर्यात होने वाली जांच किट की जरूरत नहीं होगी। किट आसानी से उपलब्ध होगी तो कोरोना जांच में कोई परेशानी नहीं होगी।