इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन (आईएमटी) के किसान मुआवजा राशि को लेकर एक अप्रैल से कंपनियों को ताला लगाने की तैयारी कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को किसानों ने प्रस्तावित कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए चंदावली गांव में डोर-टू-डोर संपर्क किया।
इस मौके पर समिति प्रधान रामनिवास नागर ने एचएसआईआईडीसी अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। रामनिवास नागर ने बताया कि एचएसआईआईडीसी अधिकारियों ने हाईकोर्ट द्वारा बढ़ाई गई मुआवजा राशि अभी तक किसानों को नहीं दी है।
21 अप्रैल 2016 को किसानों ने जब आंदोलन शुरू किया था तो उस समय केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में एसएसआईआईडीसी अधिकारियों ने सभी किसानों को 30 जुलाई 2016 तक मुआवजा देने का वादा किया था। लेकिन, मुआवजा नहीं मिल पाया। अब एक अप्रैल को किसान कंपनियों पर ताला जड़ कर आईएमटी के विकास कार्य ठप करेंगे।
इस मौके पर उनके साथ पंडित नत्थीराम, जीतराम फोरमैन, कर्मवीर मुजैड़ी, कुलदीप यादव, गिर्राज धनखड़, जयपाल, जगदीश और रणवीर सिंह मौजूद थे। धरने को समर्थन देने के लिए शाहजहांपुर गांव के किसान भूरा सिंह के नेतृत्व में पहुंचे। उन्होंने एक अप्रैल को प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की।