दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आईएमटी मानेसर के बीच बन रहे फ्लाईओवर के दिन बहुरने वाले हैं। छह साल से अलग-अलग विभागों की आपत्तियों के चलते रुका हुआ काम फिर शुरू हो सकेगा। फ्लाईओवर निर्माण की बाधा दूर करने के लिए वन विभाग, एनएचआईए व एचएसआईआईडीसी की एक बैठक सोमवार को रेवाड़ी में होगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-8 पर मानेसर आईएमटी चौक पर एनएचआईए ने इंडस्ट्री व रेजिडेंस सेक्टर को जोड़ने के लिए फ्लाईओवर निर्माणाधीन है। बीते छह साल से फाइलों में चल रहे पत्राचार को समाप्त कर तीनों विभागों की एक बैठक बुलाई गई है। इसमें आईएमटी चौक के फ्लाईओवर की समस्या के बारे में चर्चा की जाएगी। मालूम हो कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से जिस डायवर्जन का निर्माण किया जाना है।
उसमें वन क्षेत्र की 8.60 एकड़ जमीन आ रही है। वन विभाग की ओर से इसके बदले में दूसरी जगह मांगी गई है, जिसके कारण यह प्रोजेक्ट रुका हुआ है। डीएफओ के अनुसार एनएचआईए की ओर से अब तक किए गए पत्र व्यवहार में कागजात ही नहीं दिए गए हैं। इसलिए मामले में देरी हुई है। सोमवार को होने वाली बैठक में इसका हल निकलने की संभावना है। गौरतलब है कि पिंक कंस्ट्रक्शन कंपनी की अेार से शुरू हुए काम को बीच में ही रोक दिया गया है।
उधर, आईएमटी मानेसर सेक्टर एक में रहने वाले दिनेश कुमार, जयपाल यादव का कहना है कि हाईवे पर कंपनी में सुबह-शाम जाने के लिए सड़क पार करने में दिक्कत होती है। कई बार तो ट्रैफिक जाम होने से परेशानी झेलनी पड़ती है। दुकानदार राकेश भांगरौला, मनोज, अनिल, सुरेंद्र, टिंकू व राजू यादव का कहना है कि आईएमटी चौक पार पर हर रोज दुर्घटनाएं होती रहती है। इस कारण कई बार तो पैदल निकलते समय कई लोग जान तक गंवा चुके हैं।
क्या है मामला-
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आईएमटी चौक पर फ्लाई ओवर को निर्माण चल रहा है। जो जमीन निर्माण क्षेत्र में आ रही है। उस जमीन को एचएसआईआईडीसी ने एनएचआईए को दिया है। उस पर वन विभाग की ओर से पेड़ लगाए गए हैं। ऐसे में वन विभाग की ओर से उतने क्षेत्रफल की जमीन पेड़ लगाने के लिए मांगी गई है।
यह है दिक्कत
आईएमटी मानेसर में इंडस्ट्रियल एरिया से रिहायशी सेक्टर में आने के लिए हाईवे पार करना पड़ता है। इस वजह से वाहन चालकों व राहगीरों को हाईवे पार करने के लिए कई बार दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ रहा है।
बयान...
आईएमटी मानेसर चौक के फ्लाईओवर निर्माण में आ रही बाधा को समाप्त करने के लिए सोमवार को एक बैठक आयोजित की गई है, जिसमें सभी अधिकारियों की मौजूदगी में आपत्ति दूर की जाएगी।
राजेश आर्या, डीएफओ गुड़गांव।