गर्भवती महिलाओं में एचआईवी के प्रति जानकारी इकट्ठा की जाएगी। इस बाबत नेशनल एड्स कंट्रोल संगठन (नाको) ने एएनसी (एंटेनेटल केयर सर्विलांस) सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें सिविल अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
दरअसल, एड्स के प्रति बढ़ते खतरे को देखते हुए नाको की मदद से स्वास्थ्य निदेशालय ने यह कदम उठाया है। इसके लिए सभी जिले के अधिकारियों को चंडीगढ़ में ट्रेनिंग दी गई थी।
जिसके बाद यह योजना गुड़गांव में शुरू हुई है। इस सर्विलांस में गर्भवती महिलाओं के अब दो बार एचआईवी टेस्ट के लिए सैंपल लिए जाएंगे।
बता दें कि अभी तक गर्भवती महिलाओं का एक बार एचआईवी टेस्ट किया जाता था। अब एक ही मरीज के दो सैंपल लिए जाएंगे। एक सैंपल की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग मरीज को देगा, जबकि दूसरे सैंपल की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग नाको को भेजेगा।
स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से जारी दिशा निर्देश के मुताबिक 400 मरीजों को तीन महीने में चयनित कर रिपोर्ट तैयार किया जाएगा। इसके लिए अलग से एक महिला विशेषज्ञ डॉक्टर की ड्यूटी तय की गई है।
एचआईवी के कारणों और उसके रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कदम उठाया है। हर दो साल में यह सर्विलांस की जाती है। -डॉ. पुष्पा बिशभनोई, सिविल सर्जन।