कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए लोगों में आयुर्वेदिक दवाओं की मांग काफी बढ़ गई है। आलम यह है कि बाजार में यह दवाई आते ही बिक जा रही हैं। इम्युनिटी बढ़ाने वाले प्रमुख उत्पाद जैसे च्यवनप्राश, गिलोय टैबलेट, गिलोय रस, अश्वगंधा कैप्सूल आदि को अब लोग पहले के मुकाबले अधिक खरीद रहे हैं।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता बताते हैं कि वैलनेस और इम्युनिटी बढ़ाने वाले सभी उत्पादों की मांग में महत्वपूर्ण तेजी दर्ज की गई है। पहले अधिकतर लोग सिर्फ सर्दियों के मौसम में च्यवनप्राश का सेवन करते थे,लेकिन इस बाद च्यवनप्राश की काफी बिक्री हो रही है। शहद, च्यवनप्राश हर्बल टी और गिलोय रस की बिक्री दो गुना तक बढ़ गई है।
अपोलो अस्पताल के डॉक्टर पीके सिंघल ने बताया कि इन उत्पादों से कोरोना वायरस का संक्रमण ठीक होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, इनके सेवन से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है। इससे वे वायरस से आसानी से लड़ सकते हैं।
आयुष मंत्रालय ने दिए थे सुझाव
आयुष मंत्रालय ने कोरोनावायरस से लड़ाई में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कई प्रकार के आयुर्वेदिक उपाय सुझाए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से इन उपायों को अपनाने की अपील की थी। साथ ही दूसरों लोगों को भी इन उपायों को बताने के लिए कहा था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि इन उपायों को आसानी से अपनाया जा सकता है।