सीलमपुर में पुलिस मार्च करती हुई
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सीलमपुर में मंगलवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में हुए उपद्रव के बाद अब मस्जिदों से अमन का पैगाम दिया जा रहा है। हर नमाज के बाद दुआ से पहले सभी मस्जिदों के इमाम लोगों और नौजवानों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
उनका कहना है कि हिंसा की इस्लाम में कोई जगह नहीं है। आपको अपनी जो भी बात रखनी है, उसे शांतिपूर्ण तरीके से रखें। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका खासा असर भी देखने को मिल रहा है। बुधवार को पूरे सीलमपुर, जाफराबाद, वेलकम व अन्य इलाकों में लगभग पूरी तरह शांति रही। पुलिस अधिकारी भी मस्जिदों के इमामों की भूमिका की सरहाना कर रहे हैं।
रोड नंबर-66 स्थित मदरसा बाबुल उलूम के हाफिज दाउद ने बताया कि मंगलवार को जब इलाके के नौजवान लड़के सड़क पर पथराव व बवाल कर रहे थे, उसी दौरान उन्होंने मदरसे के लाउड स्पीकर पर शांति बनाए रखने की अपील की। बाद में मगरिब और ईशा की नमाज के बाद दोबारा नमाजियों से शांति
बनाए रखने की अपील की गई।
दाउद बताते हैं सभी मस्जिदों में मैसेज भी भिजवाया गया कि हर नमाज के बाद वह लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करें। बुधवार को सुबह फज्र की नमाज और दोपहर जौहर और शाम अस्र व मगरिब की नमाज में दोबारा लोगों से अपील की गई।
दूसरी ओर अमन कमेटी के लोगों को भी शांति बनाए रखने के लिए लगाया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता डॉक्टर फहीम बैग ने बताया कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। वह सभी लोगों को समझा रहे हैं, आप ऐसे प्रदर्शन करें कि उससे आम लोगों को कोई दिक्कत न हो।