कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने आईएसआईएस के नाम से प्रचलित दर्द की दवा ट्रामाडोल हाईड्रोक्लाराइड टेबलेट की अवैध रूप से तस्करी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक कैब से 42 हजार टैबलेट जब्त किए हैं। पुलिस ने कैब में मौजूद तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद इस धंधे से जुड़े तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त ऐंटो अल्फोंस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भटिंडा पंजाब निवासी बोहड़ सिंह, सेवक सिंह, विनोद, फर्श खाना दिल्ली निवासी नावेद, गीता कॉलोनी निवासी गौरव कालरा और लोनी गाजियाबाद निवासी नरेन्द्र उर्फ पिंटू के रूप में हुई है। दो जून को कश्मीरी गेट थाना पुलिस डाकखाना के पास पिकेट लगाकर तलाशी अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने सफेद रंग की एक कार को रुकवाया। कार में चालक समेत चार लोग मौजूद थे।
पुलिस के रोकने पर सभी घबरा गए। शक होने पर कार की तलाशी के दौरान 42 हजार ट्रामाडोल टेबलेट मिली। कार में मौजूद बोहड सिंह, सेवक सिंह व विनोद के खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह टैबलेट का इस्तेमाल तेज दर्द में आराम के लिए किया जाता है। इनलोगों से भारी संख्या में टैबलेट मिलने के बारे में पूछे जाने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नावेद और गौरव कालरा को गिरफतार कर लिया। नावेद ने पहले पकड़े गए तीनों लोगों को गौरव कालरा से टैबलेट लेकर दी थी। उसके बाद पुलिस ने एक वितरक नरेंद्र कुमार मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। अभी तक की जांच में पता चला है कि यह टैबलेट हिमाचल प्रदेश की एक फैक्टरी में तैयार की गई है और फैक्टरी मालिक ने टैबलेट बनाने के लिए कोई लाइसेंस नहीं ले रखा है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।