उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह बात सामने आई। इसमें बताया गया कि अवैध पार्किंग से सड़कों का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा अवरुद्ध हो गया है, जिससे भारी जाम और प्रदूषण बढ़ रहा है।
राजधानी में अनधिकृत पार्किंग के कारण सड़कों की स्थिति गंभीर हो गई है। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह बात सामने आई। इसमें बताया गया कि अवैध पार्किंग से सड़कों का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा अवरुद्ध हो गया है, जिससे भारी जाम और प्रदूषण बढ़ रहा है।
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उपराज्यपाल ने चिह्नित स्थानों पर अतिक्रमण विरोधी अभियानों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रदूषण रोकने की जिम्मेदारी अब केवल पर्यावरण विभाग की नहीं है। सड़क, यातायात, निर्माण, परिवहन, उद्योग और नगर निकाय समेत सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।
राजधानी के 47 प्रदूषण हॉटस्पॉट को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। इन हॉटस्पॉट के आसपास तीन किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय लागू होंगे। अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के 13 वरिष्ठ अधिकारियों को इनकी निगरानी की जिम्मेदारी मिली है। प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी बहु-विभागीय टीम हर सप्ताह बैठक करेगी।
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इनकी निगरानी के लिए 13 वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 62 जाम वाले स्थानों की नए सिरे से समीक्षा होगी। यातायात पुलिस इन स्थानों का आकलन कर पीडब्ल्यूडी, एमसीडी और डीडीए को सुधार के लिए कहेंगी। औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती और ई-वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।