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आखिर किसकी मर्जी से चल रहा पार्किंग का गोरखधंधा

Tue, 27 Sep 2016 09:41 AM IST
गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद
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अवैध पा‌र्क‌िंग - फोटो : अमर उजाला
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फरीदाबाद में ट्रैफिक जाम से जूझ रहे शहर की सड़कों पर पार्किंग माफिया का कब्जा हो चुका है। कंगाली से जूझ रहे नगर निगम के पास कर्मचारियों को देने के लिए वेतन नहीं हैं, लेकिन निगम के क्षेत्र में पिछले कई साल से पार्किंग माफिया चांदी काट रहे हैं।
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    एक आरटीआई के जवाब में निगम ने चौंकाने वाला जवाब दिया है। निगम के मुताबिक निगम क्षेत्र में कोई अधिकृत पार्किंग नहीं हैं। इसके उलट शहर में कई जगह अवैध पार्किंग चल रही हैं।
शहर में जगह-जगह वाहनों को खड़ा करने के नाम पर काटी जा रही पर्चियों का आखिर क्या खेल चल रहा है? इसका पता लगाने की कोशिश की गई। एनआईटी जोन में कई जगह अलग-अलग नाम से पर्चियां काटी जा रही हैं।
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  इन पर्चियों पर नगर निगम का जिक्र तक नहीं है, जबकि पार्किंग की पर्चियां नियमानुसार नगर निगम या हुडा की ओर से अधिकृत होनी चाहिए। इन पर्चियों पर ठेकेदार के नाम भी पूरे नहीं लिखे गए हैं।
  एक अनुमान के मुताबिक एनआईटी, बल्लभगढ़ और ओल्ड जोन में 100 से ज्यादा स्थानों पर पार्किंग का खेल जारी है, जिनसे सालाना 10 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूले जा रहे हैं। कई साल से यह गोरखधंधा जारी है लेकिन लेकिन निगम अधिकारी आंखे मूंदे बैठे हैं। पार्किंग माफिया को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है या फिर निगम के अधिकारियों की शह पर अवैध पार्किंग चलाई जा रही हैं, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। सवाल कई और भी उठ रहे हैं। पुलिस या फिर संबंधित विभाग ने आज तक इसकी जांच करने की भी जरूरत नहीं समझी।
शनिवार को जब फोटो जर्नलिस्ट अवैध पार्किंग के कारनामे की पोल खोलने पहुंचा तो कैमरा देख पार्किंग माफिया के गुर्गे आ धमके। एक ने बताया पार्किंग चलाने की एवज में हर महीने निगम को फीस दी जा रही है। जबकि दूसरी पार्किंग में वाहनों से वसूली कर रहे एक युवक ने बताया कि यह पार्किंग मुजैड़ी के गैंगस्टर की है, वह तो सिर्फ वसूली कर धन उस तक पहुंचाता है। 

100 से ज्यादा पार्किंग
नगर निगम ने शहर को तीन जोन में बांटा हुआ है। ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और एनआईटी जोन। इनमें 100 से ज्यादा स्थानों पर अवैध पार्किंग बनी हुई हैं। अवैध तरीके से संचालित पार्किंग में साइकिल के 5 रुपये, मोटरसाइकिल के 10 और कार के 20 रुपये वसूले जा रहे हैं। एक जगह से रोजाना तीन से चार हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। अकेले नीलम-बाटा रोड  पर ही करीब 10 पार्किंग स्थल हैं।

नहीं है जानकारी
मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर अवैध पार्किंग चल रही हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। गलती पाई गई तो कार्रवाई भी की जाएगी। निगम की ओर से पार्किंग के ठेके आवंटित करने में अभी समय लगेगा।-सोनल गोयल, निगमायुक्त

कौन चला रहा धंधा
मुझे अवैध पार्किंग के बारे में पता चला तो मैंने एक आरटीआई डाली। जिसमें नगर निगम की ओर से जवाब दिया गया कि कहीं भी अधिकृत पार्किंग नहीं है। ऐसे में शहर में जगह-जगह पनप रहा पार्किंग का धंधा कौन चला रहा है।-राजीव गौतम, आरटीआई कार्यकर्ता

निष्पक्ष जांच हो
नगर निगम के पास न विकास के लिए पैसा है और न कर्मचारियों को देने के लिए वेतन है। ऐसे में पार्किंग माफिया निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है।-सुभाष लांबा, प्रदेश महासचिव, सर्व कर्मचारी संघ
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