रामलीला में पुरुष कलाकारों को महिला पात्र का अभिनय करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। पुरुष कलाकार को महिला किरदार निभाने के दौरान हावभाव के साथ भाव भंगिमाओं में पूर्ण रूप से जुड़ना पड़ता है।
शहर की विजय रामलीला में पुरुष कलाकार महिला का किरदार अदा कर मंचन करते हैं। विजय रामलीला कमेटी में समस्त पुरुष कलाकार ही महिला का अभिनय करते हैं। अभिनय करने के दौरान वह पूरी तरह से उस पात्र में रम जाते हैं।
इस बार सीता का अभिनय जीतेश आहूजा, सुनैना का मोनू नागपाल, कौशल्या का मनोज शर्मा, सुमित्रा का जय वधवा, केकैयी का नितीन शर्मा, अहिल्या का अक्षय कुमार, मंथरा का वैभव लारोइवा, तारा का दीपक, सुलोचना का मनोज शर्मा, मंदोदरी का संजय कुमार, सुपर्णखा का गुड्डूू शर्मा निभाएंगे। इसके लिए सभी कलाकारों ने महिला किरदार निभाने का निरंतर अभ्यास किया है, ताकि उन किरदारों से जुड़ सकें।
विजय रामलीला ने मंचन के लिए इस बार मंच को बड़ा किया है। मंच की लंबाई 22 फीट एवं चौडाई 33 फीट की गई।
रामलीला का अभ्यास
धार्मिक लीला कमेटी एम ब्लाक पांच नंबर ने कुंभकरण को रावण के दरबार में अंगद का पैर उठाने के लिए अपने संवादों को अलग अंदाज में बोलने का अभ्यास किया। कुंभकरण बने राजीव ने डरावने अंदाज में बोलने का अभ्यास किया। निर्देशक हरीशचंद्र आजाद ने बताया कि कुंभकरण की आवाज से बच्चों का मनोरजंन होगा। 29 सितंबर को भूमि पूजन होगा।