फोटो फाइल फोटो - खेड़ा चाैगानपुर में सील की कार्रवाई।
- खेड़ा चौगानपुर में सील किए आठ आवासीय टावर, एक महीने बाद ही सील तोड़कर निर्माण हुआ चालू
- शाहबेरी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी निर्माण जारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण का खेल चालू है। कुछ दिन पहले खेड़ा चौगानपुर में आठ आवासीय बहुमंजिला टावर सील किए गए। इसी तरह शाहबेरी में भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अवैध निर्माण बंद कराए गए। लेकिन, निर्माण चालू हैं। प्राधिकरण ने अब एफआईआर कराईं हैं।
खेड़ा चौगानपुर में अवैध निर्माण पर 29 जनवरी को ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने करीब 100 फ्लैट वाले आठ आवासीय टावरों को सील किया था। खसरा संख्या-109 पर इनका निर्माण बिना प्राधिकरण से अनुमति या नक्शा स्वीकृत कराए किया जा रहा था। प्राधिकरण की शिकायत पर ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
प्राधिकरण की तहरीर में वर्क सर्किल-3 के सहायक प्रबंधक राजीव कुमार ने बताया है कि 29 जनवरी अवैध निर्माण के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई थी। पांच फरवरी को प्राधिकरण की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया तो कुछ जगहों पर सील टूटी मिली। निर्माण भी चालू था। पांच और 23 फरवरी को पुलिस को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए कहा गया। अब एफआईआर दर्ज कराई गई है। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
इसी तरह ग्रेनो वेस्ट के ही शाहबेरी में भी बिना अनुमति निर्माण कराने वाले 25 लोगों के खिलाफ बिसरख कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई है। प्राधिकरण का आरोप है कि ये लोग सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बावजूद अवैध तरीके से मकान, टिन शेड और प्लॉटिंग का निर्माण कर रहे थे।
वर्क सर्किल-1 के सहायक प्रबंधक भूपेन्द्र कुमार त्यागी की तहरीर में कहा गया है कि जमीनों पर बिना अनुमति भू-उपयोग में बदलाव कर अवैध निर्माण कराया जा रहा है। प्राधिकरण की टीम ने कई बार निर्माण कार्य रुकवाया। इसके बाद भी रात के समय चोरी-छिपे निर्माण किया जारी रहा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नया निर्माण नहीं किया जा सकता।
इनपर हुई एफआईआर
अवैध निर्माण करने के लिए वीरपाल, रुपेश लियानी, मजमुद्दीन, कसवर, नौशाद, जितेंद्र सिंह, आदित्य, चाहत सिक्योरिटी सर्विस, अजीत कुमार, संतोष कुमार, आकाश कुमार, सचिन कुमार, अशोक नागर, संदीप, आलम चौधरी, दीन, गुलफाम, फहीम, मुस्तकीम, नदीम, हनीफ, रामचंद्र, अंकुश, गौरी शंकर शर्मा और विनोद कसाना समेत 25 के खिलाफ एफआईआर कराई गई है। कोतवाली प्रभारी कृष्ण गोपाल शर्मा का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
आठ आवासीय टावर के मामले में अज्ञात पर एफआईआर
भले ही प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के खिलाफ एफआईआर कराई हो। लेकिन, जहां आठ आवासीय टावर बन रहे हैं, उसके बिल्डर के बारे में ही प्राधिकरण को जानकारी नहीं है। कार्रवाई के समय भी अवैध निर्माणकर्ता का नाम सार्वजनिक नहीं हुआ। एफआईआर भी अज्ञात के खिलाफ कराई गई है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की जांच में अवैध निर्माणकर्ता का पता चल जाएगा।
अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई जरूरी
अवैध निर्माण पर कार्रवाई शहर के सुनियोजित विकास के लिए जरूरी है। ग्रेटर नोएडा में अभी तक यही देखने में आया है कि कथित कार्रवाई के बाद भी अनियोजित विकास तेजी से बढ़ा है। डूबक्षेत्र तक में प्लाॅटिंग और निर्माण चालू हैं। ग्रेनो वेस्ट के अधिकतर इलाकों में बिना नक्शा स्वीकृत कराए मनमाने तरीके से मकान और अपार्टमेंट बनाए जा रहे हैं, जिससे रिहाइश शुरू होने के बाद मूलभूत सुविधाएं जैसे सीवर निस्तारण, सफाई, सड़क निर्माण, स्ट्रीटलाइट जैसी समस्याएं पैदा होने लगतीं हैं।