जेएनयू के बाद अब आईआईएमसी छात्र फीस वृद्धि वापस लेने की अपनी मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए है। छात्रों ने हाल ही में फीस जमा करने के लिए जारी नये सर्कुलर को फिर से स्थगित करने की भी मांग रखी थी, लेकिन प्रशासन ने उसे नहीं माना। इसीलिए छात्रों ने भूख हड़ताल का फैसला लिया है।
आईआईएमसी के छात्र हामिद का कहना है कि संस्थान प्रशासन ने हमारी मांग और कार्यकारिणी समिति के निर्देश को नहीं मानकर हमें धोखा दिया है।
हमने दिसंबर 2019 में फीस सर्कुलर को रुकवाकर अपनी आधी लड़ाई जीत ली थी। आईआईएमसी प्रशासन कार्यकारिणी समिति की तत्काल मीटिंग बुलाने पर मजबूर हुआ। छात्र पुराने फीस स्ट्रक्चर को वहनीय बनाने की उम्मीद लगाए रहे।
13 जनवरी को जारी सर्कुलर में बताया गया कि कार्यकारिणी समिति एक कमेटी का गठन करेगी जो 2 मार्च तक छात्रों के फीस से जुड़े मामले की समीक्षा कर संबंधित अधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
इसके बाद जनसंचार संस्थान ने अचानक 10 फरवरी को फीस जमा करने का सर्कुलर जारी कर दिया। छात्रों ने प्रशासन से इस पूरे मामले में 48 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने का आग्रह किया, लेकिन 48 घंटे पूरा होने के बाद भी प्रशासन चुप्पी साधे बैठा रहा।
छात्रों का कहना है कि संस्थान प्रशासन हमारे साथ छल कर रहा है और सभी नियम कानून को ताक पर रख कर मनमाने तौर पर फीस ले रहा है।