नोट: कृपया 12 बजे के बाद ऑनलाइन चला दें
- यात्रियों की जान बचाने के लिए कर्मचारियों को दी जाएगी बीएलएस-सीपीआर व एईडी की ट्रेनिंग
-गोल्डन ऑवर में मिलेगी जीवनरक्षक सहायता
शनि पाथौली
नई दिल्ली। दिल का दौरा, बेहोशी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट के कर्मचारियों को तैयार किया जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी डायल ने क्रिटिकल केयर ट्रेनिंग उपकरणों, बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस), कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) और ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) की खरीद के लिए निविदा जारी कर दी गई है।
इनके इस्तेमाल के लिए कर्मचारी प्रशिक्षित किए जाएंगे, ताकि गोल्डन आवर में यात्रियों को जीवनरक्षक सहायता मिल सके।
दौरा पड़ने के बाद प्रथम 3-5 मिनट अहम
परियोजना के तहत एयरपोर्ट कर्मचारियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट और कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए बीएलएस-सीपीआर मैनिकिन का इस्तेमाल किया जाएगा, जो इंसान के शरीर की तरह बनाया गया प्रशिक्षण मॉडल होता है। इसके अलावा एईडी ट्रेनर के जरिए ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर मशीन के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। एईडी का उपयोग अचानक दिल का दौरा पड़ने पर किया जाता है।
दिल का दौरा पड़ने के बाद अगर पहले 3 से 5 मिनट के भीतर सीपीआर और एईडी का सही इस्तेमाल किया जाए, तो मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
वर्तमान में भी एयरपोर्ट पर कई स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध
एयरपोर्ट पर पहले से ही यात्रियों के लिए कई स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। एयरपोर्ट परिसर में 24 घंटे मेडिकल सेंटर संचालित होते हैं, जहां प्रशिक्षित डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहते हैं। इसके अलावा आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए एंबुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध रहती हैं। इनके अलावा अन्य सुविधाएं भी मौजूद हैं।