सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने कहा है कि अगले तीन दिन दिल्ली में हवा बेहद खराब रहेगी। इसमें सबसे प्रभावी प्रदूषक तत्व पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 है।
सफर की हेल्थ एडवाइजरी में खासतौर पर बच्चे, जवान और बूढ़े जो हृदय व फेफड़ों के मरीजों को खुले वातावरण से बचने को कहा गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि सामान्य लोग भी फील्ड में अत्यधिक परिश्रम करने से बचें।
सफर के मुताबिक, शनिवार दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 की मात्रा सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से दोगुना 122 (बेहद खराब) श्रेणी में रिकॉर्ड की गई। वहीं, रविवार को हवा में पीएम 2.5 का स्तर 127 व सोमवार को 125 रहने का अनुमान है।
मालूम हो कि पीएम 2.5 वह बारीक खतरनाक कण हैं जो आंखों से दिखाई नहीं देते। सांसों के जरिये ये शरीर के भीतर फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।
पूरे हफ्ते खराब रही गाजियाबाद की हालत
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने शनिवार को शाम 4 बजे देशभर के विभिन्न शहरों में बीते 24 घंटे दर्ज की वायु गुणवत्ता का सूचकांक जारी किया। इसके मुताबिक गाजियाबाद और मुरादाबाद में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में मौजूद है।
इसमें प्रभावी प्रदूषक पीएम 2.5 है। इस पूरे हफ्ते गाजियाबाद की हवा बेहद खराब रही है। सामान्य एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 0 से 100 अंक के बीच प्रदर्शित होती है। जबकि गाजियाबाद और मुरादाबाद में एक्यूआई 300 से अधिक रिकॉर्ड किया गया है।
नोएडा में हालात ठीक
सीपीसीबी के वायु गुणवत्ता सूचकांक आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली समेत यूपी में आगरा, वाराणसी, लखनऊ और हरियाणा में गुरुग्राम, रोहतक में हवा खराब है। सीपीसीबी की मानें तो नोएडा में हवा की गुणवत्ता बीते 24 घंटों से ठीक बनी हुई है।