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निर्माण की गुणवत्ता में दिखी कमी तो निलंबित किए तीन इंजीनियर

Thu, 05 May 2016 03:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मनीष सिसोदिया
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दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डुसिब) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने शौचालय निर्माण की गुणवत्ता में खामी पाए जाने पर तीन इंजीनियरों एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सतीश चंद शर्मा, असिस्टेंट इंजीनियर विरेंद्र आनंद और जूनियर इंजीनियर संजय गुलाटी को निलंबित कर दिया है।
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। दरअसल, जेजे बस्ती हरिजन कैंप चूना भाटी और जेजे बस्ती रेशमा कैंप में शौचालय का उद्घाटन 30 अप्रैल को ही किया गया था। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान निरीक्षण में डुसिब सीईओ ने शौचालय निर्माण में खामियां पाई थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

दिल्ली सरकार के अनुसार दिल्ली को खुले में शौच से फ्री करने के लिए एक सर्वे कराया गया। उसमें 234 ऐसी जगह की पहचान की गई, जहां राजधानी के निवासी अभी भी खुले में शौच करने जाते हैं। उसे ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री के निर्देश पर 19 हजार शौचालय शीट बनाने का फैसला किया गया।
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निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता में मिली खामियां

मनीष सिसोदिया - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
इसके लिए केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन में मिले 50 करोड़ रुपये के अलावा दिल्ली सरकार ने 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की। पिछले साल इसमें 4500 शीट बनाए गए। इस साल पूरा एक्शन प्लान बनाया गया है।

डुसिब के अनुसार उसी कड़ी में जेजे बस्ती हरिजन कैंप चूना भाटी और जेजे बस्ती रेशमा कैंप में दो शौचालय कॉम्प्लेक्स बने। इसका उद्घाटन 30 अप्रैल को किया गया। सीईओ डुसिब ने निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता में खामियां पाईं। क्वालिटी कंट्रोल यूनिट को ऑडिट का आदेश दिया। इसके अलावा नेशनल काउंसिल ऑफ सीमेंट एंड बिल्डिंग मैटेरियल, बल्लभगढ़ को थर्ड पार्टी ऑडिट का जिम्मा सौंपा गया।

डुसिब सीईओ ने क्वालिटी कंट्रोल यूनिट की रिपोर्ट के आधार पर तीनों इंजीनियरों को निलंबित कर दिया। साथ ही इन अधिकारियों की सतर्कता जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश भी जारी किए हैं।
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वाइस प्रिंसिपल को बर्खास्त करने का आदेश

मनीष सिसोदिया
मंडावली स्थित सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल व वाइस प्रिंसिपल पर गाज गिरी है। उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने औचक निरीक्षण के दौरान अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए स्कूल के वाइस प्रिंसिपल को बर्खास्त करने का आदेश दिया है। स्कूल के प्रिंसिपल पर कार्रवाई करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। स्कूल में शिक्षकों को फर्जी तरीके से उपस्थित दिखाए जाने पर कार्रवाई की गई है।

उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया बुधवार सुबह मंडावली स्थित सरकारी स्कूल में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पाया कि तीन शिक्षक अनुपस्थित थे। इसके बावजूद रजिस्टर में उन शिक्षकों को उपस्थित दिखाया गया। मनीष सिसोदिया ने इस बात की जानकारी ट्वीट के जरिए दी।

ट्वीट में उन्होंने कहा कि अनुपस्थित शिक्षकों के उपस्थित दिखाने पर प्रिंसिपल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत स्कूल के वाइस प्रिंसिपल को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने की दिशा में लगातार उपमुख्यमंत्री की ओर से औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। इन निरीक्षणों के तहत सरकार की ओर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
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