प्रधानमंत्री और देश की सरकार पर मुसलमानों को पूरा भरोसा है, लेकिन सरकार अवाम की भी बात सुने। किसी मंच से कहने भर से किसी का विश्वास नही जीता जा सकता है, यदि सरकार लिखित में दे कि वह एनआरसी नही ला रही है तभी लोगों का भरोसा जीता जा सकता है।
एनआरसी आई तो उससे मुसलमानों ही नहीं सभी धर्म के लोगों को दिक्कत होगी। रामलीला मैदान में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धन्यवाद रैली के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुस्लिम उलेमाओं ने कहा कि सरकार को सीएए और एनआरसी को लेकर दोबारा से विचार करना चाहिए। पूरी दुनिया में हमारे लोकतंत्र की मिसाल दी जाती है। सरकार देश के लोगों का विश्वास जीतकर उन्हें अपने साथ लेकर चले।
फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम ने कहा कि सरकार ने पता नही सीएए में मुस्लिम अल्पसंख्यकों को क्यों छोड़ दिया है। नेपाल से बड़ी संख्या में मुसलमान भारत में शरण लेने के लिए आते हैं। यदि ऐसे मुसलमानों को भी सीएए में जगह मिल जाती तो अच्छा रहता। इससे देश की इज्जत बढ़ती।