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CAA के बाद अगर NRC हुआ तो सभी को होगी दिक्कत, तरह-तरह के कागजातों की होगी मांग : मुस्लिम उलेमा

Sun, 22 Dec 2019 08:03 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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एनआरसी - फोटो : Amar Ujala
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प्रधानमंत्री और देश की सरकार पर मुसलमानों को पूरा भरोसा है, लेकिन सरकार अवाम की भी बात सुने। किसी मंच से कहने भर से किसी का विश्वास नही जीता जा सकता है, यदि सरकार लिखित में दे कि वह एनआरसी नही ला रही है तभी लोगों का भरोसा जीता जा सकता है। 
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एनआरसी आई तो उससे मुसलमानों ही नहीं सभी धर्म के लोगों को दिक्कत होगी। रामलीला मैदान में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धन्यवाद रैली के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुस्लिम उलेमाओं ने कहा कि सरकार को सीएए और एनआरसी को लेकर दोबारा से विचार करना चाहिए। पूरी दुनिया में हमारे लोकतंत्र की मिसाल दी जाती है। सरकार देश के लोगों का विश्वास जीतकर उन्हें अपने साथ लेकर चले।

फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम ने कहा कि सरकार ने पता नही सीएए में मुस्लिम अल्पसंख्यकों को क्यों छोड़ दिया है। नेपाल से बड़ी संख्या में मुसलमान भारत में शरण लेने के लिए आते हैं। यदि ऐसे मुसलमानों को भी सीएए में जगह मिल जाती तो अच्छा रहता। इससे देश की इज्जत बढ़ती। 
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मुफ्ती मुकर्रम ने कहा कि उन्हें देश की सरकार और प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है। देशभर में चल रहे हिंसक प्रदर्शन पर सरकार को पहल करते हुए फिलहाल सीएए को स्थगित कर देना चाहिए। सरकार के पास इसका अधिकार भी है। अच्छा रहेगा कि सरकार लोगों का विश्वास जीतने के बाद ही ऐसे कानून लाए। भाजपा सरकार हमेशा से कहती रही है कि वह धर्म के आधार पर राजनीति नही करती है। सरकार हिंदू और मुस्लिमों के बीच सौहार्द को बढ़ाए।

वहीं मौलाना दाउद अमीनी ने कहा कि यदि किसी मंच से एनआरसी न लाने की बात कही जा सकती है तो उसे लिखित में भी दिया जा सकता है। लोगों में एनआरसी को लेकर इतना भय है कि वह सड़कों पर उतर गए हैं। सरकार को लोगों का विश्वास जीतने के लिए लिखित में बताना होगा। 

मौलाना दाउद ने आम लोगों से अपील की है कि वह हिंसा से कतई काम न लें। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से हमारा ही नुकसान होता है। कानून को आवाम अपने हाथ में न ले। इस बात का ख्याल रखे कि हमारे विरोध प्रदर्शन से किसी भी आम शहरी को कोई तकलीफ न हो। इमान वाले का काम किसी को तकलीफ पहुंचाने का नही होता है।
 
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