-सीएम ने विभागीय अभियंताओं के साथ मीटिंग में कहा, बहाने बनाना बंद करें
-बोलीं, गलती आपकी, भुगतना पड़ता है जनता को, अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सड़क बनने के बाद बार-बार खुदाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी विभागों के अभियंताओं और अधिकारियों को चेताया कि अब जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही पर सीधी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि दिल्ली के अभियंताओं की असंवेदनशील कार्य प्रणाली का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
दिल्ली के केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में बृहस्पतिवार को रोड री-डेवलपमेंट के स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क विषय पर एक समीक्षा बैठक थी। यहां मुख्यमंत्री ने राजधानी की सड़क व्यवस्था, सफाई, ग्रीन बेल्ट, ड्रेनेज और यूटिलिटी मैनेजमेंट को एक मानक ढांचे में लाने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए। बैठक में पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, एनडीएमसी, डीडीए, दिल्ली जल बोर्ड, ट्रैफिक पुलिस सहित कई विशेषज्ञ संस्थानों के अभियंताओं को बुलाया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बहाने नहीं सुनेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट दिया है, ऐसे में किसी भी विभाग के पास देरी या ढिलाई का कोई बहाना नहीं बचता।
केवल आपातकाल में ही होगी सड़क की खुदाई
उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क निर्माण से पहले बिजली, पानी, गैस और टेलीकॉम जैसी सभी लाइनों की मैपिंग कर लें। जहां संभव हो, कॉमन यूटिलिटी डक्ट का प्रयोग करें, ताकि भविष्य में सड़क खोदने की जरूरत न पड़े। सड़क बनने के बाद खुदाई केवल आपातकाल में ही हो सकेगी, वरना जिम्मेदार अभियंता पर सख्त कार्रवाई तय होगी।
प्रदूषण बढ़ाने में सड़क की धूल बड़ी वजह
सीएम ने कहा कि दिल्ली की हवा खराब करने में सड़क की धूल बड़ी वजह है, इसलिए रोजाना और समय पर सफाई होनी ही चाहिए। मशीनों से स्वीपिंग बढ़ाई जाए और जहां जरूरत हो वहां मैनुअल सफाई भी की जाए। रोड कटिंग से पहले बैरिकेडिंग जरूरी होगी, ताकि धूल न फैले। गड्ढों की शिकायत मिलते ही 24 से 48 घंटे में मरम्मत की जिम्मेदारी तय की जाए।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पहले
मुख्यमंत्री ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को भी प्राथमिकता बताया। फुटपाथ चौड़े, अवरोध-रहित, और क्रॉसिंग स्पष्ट हों। साथ ही, हर री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में हरियाली, स्ट्रीट फर्नीचर और साफ-सुथरे सार्वजनिक स्थल अनिवार्य किए जाएं। बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद और मनजिंदर सिंह सिरसा मौजूद रहे।