राजनीतिक साजिश का शिकार हुए रावण के पुतले को आखिर में तोड़कर फिकवा दिया गया। बृहस्पतिवार को नगर निगम की जेसीबी मशीन ने एनआईटी दशहरा मैदान में पड़े पुतले को तोड़कर डंपर में डालकर अज्ञात स्थान पर फेंकवा दिया।
हनुमान मंदिर के पदाधिकारियों ने प्रशासन के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे शहर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मंदिर के प्रधान राजेश भाटिया ने कहा कि प्रशासन ने ऐसा करके अपनी गंदी मानसिकता का परिचय दिया है।
प्रशासन ने जनभावनाओं का कोई ख्याल नहीं रखा। उन्होंने कहा कि दशहरा हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। मगर सरकार और प्रशासन ने जनता की भावनाओं का कोई सम्मान नहीं किया।
भाटिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस दौरान पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा के हाथों की कठपुतली बना रहा। उन्होंने कहा कि वह अगले तीन साल तक दशहरा पर्व नहीं मनाएंगे।
वीडियो हुआ वायरल
नगर निगम की जेसीबी से रावण के पुतलों को तोड़ने का वीडियो फेसबुक और व्हाट्सऐप पर वायरल होने के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन की हर तरफ खूब आलोचना हो रही है।
हर कोई प्रशासन की इस गंदी सोच की आलोचना कर रहा है। भाटिया का कहना है कि इस गंदी राजनीति के चलते प्रदेश सरकार की काफी किरकिरी हुई है। इसका खामियाजा नगर निगम चुनाव में भुगतना होगा।