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सिविल अस्पताल में भीड़ ने निकाला मरीजों का दम, अवकाश के बाद खुली ओपीडी 

Fri, 14 Oct 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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अस्पताल में भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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मौसम में हो रहे बदलाव के कारण शहर वायरल की चपेट में आ गया है। सुबह एवं शाम के समय ठंड एवं दोपहर में होने वाली गर्मी ने लोगों का स्वास्थ्य बिगाड़ कर रख दिया है। 
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अस्पताल में मरीजों की संख्या कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को दो दिन के अवकाश के बाद खुली बीके सिविल अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की खासी भीड़ रही। 

ओपीडी में 2013 मरीजों ने जांच कराई। इनमें 948 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया। दशहरा और मोहर्रम के अवकाश के बाद बृहस्पतिवार को सिविल अस्पताल में सुबह सात बजे से ही मरीजों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। 
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पंजीकरण के लिए बने काउंटरों पर पहले नंबर लगाने के लिए मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई। कुछ ऐसा ही हाल ओपीडी में डॉक्टरों के कक्ष के बाहर भी दिखा। 

इस दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम दिखाई नहीं दिया। वहीं, अस्पताल में स्टाफ की कमी का भी असर दिखा। कक्ष नंबर आठ के बाहर सबसे ज्यादा भीड़ थी। 

यहां भी मरीजों के बीच पहले जांच कराने के लिए कहासुनी हो रही थी। ओपीडी में मरीजों का शोर-शाराबा होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाने की जरूरत नहीं समझी गई। 

बता दें कि, सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के 55 पद स्वीकृत हैं, जबकि 40 कार्यरत हैं। नर्स के 90 पद स्वीकृत हैं लेकिन महज 27 से ही काम चलाया जा रहा है। टैक्नीशियन के 14 पदों के मुकाबले महज 9 पद भरे हैं। फार्मासिस्ट के 15 पद हैं लेकिन महज 5 ही मौजूद हैं। 

डेंगू, चिकनगुनिया से अस्पताल प्रशासन को थोड़ी राहत मिली है कि अब वायरल बुखार सिरदर्द बन गया है। बृहस्पतिवार को 2013 मरीजों का पंजीकरण हुआ। 

जिसमें 948 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया। जिसमें सर्वाधिक मरीज बुखार, सर्दी, जुकाम, गले की खराबी की शिकायत लेकर पहुंचे। 

बिना आधार कार्ड पंजीकरण नहीं
अस्पताल प्रशासन की ओर से ओपीडी में पंजीकरण के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में बिना आधार कार्ड पहुंचने वाले मरीजों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। 
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इलाज के लिए परेशान मरीजों के तीमारदार मरीज को अस्पताल में छोड़कर आधार कार्ड लेने घर गए। जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं उन्हें वापस लौटा दिया गया। 
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