माकन ने कहा कि जबसे राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने है तब से कांग्रेस का ग्राफ बड़ी तेजी से उपर बढ़ रहा है जिसके कारण भाजपा बुरी तरह से भयभीत है। उन्होंने कहा कि आप पार्टी और भाजपा आपस मिली हुई हैं और कांग्रेस को नुकसान पहुचाने के लिए भाजपा आप पार्टी की मदद कर रही है ताकि दिल्ली में आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की वोट में सैंध लगाई जा सके।
माकन ने अतिशी मर्लिना का उदाहरण देते हुए कहा कि उनको प्रतिमाह एक रुपये के वेतन पर उपमुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था जबकि राघव चढडा को वितमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था। शुंगलु कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में उनके बारे में क्लोस चेप्टर लिखा था क्योंकि उनकी नियुक्ति केवल ढाई महीने के लिए हुई थी।
माकन ने कहा कि जब राघव चढडा की नियुक्ति केवल ढाई महीने के लिए थी तो उनको 9 सलाहकारों के साथ क्यों हटाया गया। इसके पीछे आप पार्टी और भाजपा की मंशा साफ नजर आती है कि दोनो मिले हुए है।
माकन ने कहा कि बड़े आश्चर्य की बात है मोटा वेतन लेने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।