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फीस नहीं लौटाई तो स्कूलों की मान्यता रद्द होगी : हाईकोर्ट

Wed, 31 May 2017 08:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार


छठे वेतन आयोग की आड़ में अधिक फीस वसूली मामले में दिल्ली सरकार का जवाब       
हाईकोर्ट ने दिया कार्रवाई रिपोर्ट 10 अगस्त तक पेश करने का निर्देश      
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- फोटो : google
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विस्तार
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हाईकोर्ट के सख्त रुख को देख दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने उन स्कूलों की मान्यता रद्द करने व स्कूलों का अधिग्रहण करने जैसा निर्णय लिया है, जिन स्कूलों ने बच्चों से वसूली अधिक फीस वापस नहीं की।
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इन स्कूलों ने छठे वेतन आयोग की आड़ में बच्चों से फीस तो ले ली लेकिन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया। निदेशालय ने यह जानकारी हाईकोर्ट को दी है। ऐसे 438 स्कूलों पर करीब 350 करोड़ रुपये बकाया है।

इनमें से कई स्कूल ऐेसे हैं जिन पर करोड़ों रुपये बकाया है तो काफी स्कूलों पर 50 लाख से भी ज्यादा राशि बकाया है। करोड़ों रुपये बकाया वाले नामी स्कूल हैं। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल व न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता के समक्ष शिक्षा विभाग सचिव ने शपथपत्र सहित रिपोर्ट पेश की।
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उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति अनिलदेव सिंह की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में 531 स्कूलों सेे बच्चों से वसूली अधिक फीस 9 प्रतिशत ब्याज सहित वापस लेने की सिफारिश की थी। इसके अलावा 247 स्कूलों का विशेष निरीक्षण को कहा था क्योंकि इन स्कूलों ने दस्तावेज व रिकार्ड पेश नहीं किया था।

उन्होंने कहा कि 53 स्कूलों ने फीस वापस कर दी, जबकि 40 ने आंशिक फीस वापस की है। शेष 438 स्कूलों में से 10 स्कूल बंद हो चुके हैं। विशेष निरीक्षण वाले 247 स्कूलों में से भी 75 स्कूल दोषी पाए गए हैं और उन्होंने वेतन आयोग की सिफारिशों को तो लागू नहीं किया लेकिन फीस वसूल ली।
 
उन्होंने इन स्कूलों से फीस वसूलने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है और यदि वे आदेश पर अमल नहीं करते तो इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने के अलावा स्कूलों के अधिग्रहण पर विचार करने का निर्णय लिया गया है।

सुनवाई के दौरान कुछ स्कूलों ने कहा कि पूरा विवरण बेवसाइट पर नहीं है और कुछ कमियां हैं। अदालत ने उनके तर्क को खारिज करते हुए कहा कि सब कुछ वेबसाइट पर है और कमेटी की रिपोर्ट में कोई खामी नहीं है। साथ ही अदालत ने दिल्ली सरकार को स्कूलों के खिलाफ अपनी कार्रवाई रिपोर्ट 10 अगस्त तक दाखिल करने का निर्देश दिया है।      
 
स्कूल जिन पर एक करोड़ से अधिक बकाया
आरके मंगलम वर्ल्ड स्कूल विकासपुरी-चार करोड़ 60 लाख रुपये, केआर मंगलम वर्ल्ड स्कूल ग्रेटर कैलाश-चार करोड़ 25 लाख रुपये, माउंट कारमेल स्कूल-आनंद निकेतन-4 करोड़ 60 लाख, ज्ञान भारती स्कूल, साकेत-तीन करोड़, दिल्ली पब्लिक स्कूल-मथुरा रोड दो करोड़ 15 लाख, इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल द्वारका-दो करोड़ 52 लाख, समरफील्ड स्कूल कैलाश कॉलोनी-2 करोड़ 71 लाख, केआईआईटी वर्ल्ड स्कूल, न्यू इरा पब्लिक स्कूल-मायापुरी-दो करोड़ 95 लाख, मानवस्थली स्कूल राजेंद्र नगर-एक करोड़ 33 लाख, सुविधा कुंज-पीतम पुरा-एक करोड़ 52 लाख, कैं ब्रिज फाउंडेशन स्कूल-राजौरी गार्डन-एक करोड़ 58 लाख, आदर्श पब्लिक स्कूल सी ब्लाक विकासपुरी-एक करोड़ 76 लाख, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, साकेत-एक करोड़ 55 लाख, गोल्डी पब्लिक स्कूल शालीमार बाग- एक करोड़ 26 लाख, भावन सावन पब्लिक स्कूल, भाटी माइंस-एक करोड़, हिमालय पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल-रोहिणी-एक करोड़, साई मैमोरियल गर्ल्स स्कूल-गीता कॉलोनी-एक करोड़ 50 लाख, रुकमी देवी जयपुरिया पब्लिक स्कूल-राजपुरा रोड-एक करोड़ 31 लाख रुपये, गुरु नानक पब्लिक स्कूल आदर्श नगर-एक करोड़ रुपये, मैटर डे स्कूल तिलक लेन-एक करोड़ 11 लाख, संस्कृति स्कूल-चाणक्य पुरी-दो करोड़ 39 लाख, लिटिल फ्लॉवर पब्लिक सीनियर स्कूल-एक करोड़ 29 लाख, महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल-दो करोड़, इंद्रप्रस्थ वर्ल्ड स्कूल-एक करोड़ 17 लाख, आरडी राजपाल पब्लिक स्कूल एक करोड़ 18 लाख, मार्ड्न पब्लिक-दो करोड़ 16 लाख व ग्रीनवे मार्ड्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल-एक करोड़ 25 लाख रुपये।
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