रोहित फुटबॉल का शौकीन है। कई बार उसे गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, घुटन की शिकायतें रहती थी। लेकिन दो वर्षों में यह तकलीफ बढ़ गई है। डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि रोहित को ब्लॉकेज की शिकायत का एक कारण प्रदूषण भी है।
दिल्ली में पांच वर्ष से ज्यादा समय से अगर कोई रह रहा हैं तो उसे ऐसी तकलीफ की संभावना ज्यादा है। डॉ. मल्होत्रा का कहना है कि रोहित की तरह उनके पास हर माह कोई न कोई युवा दिल से जुड़ी परेशानी लेकर पहुंच रहा है।
गले में खराश, कफ के साथ आया ब्लड
उधर, एक आईटी कंपनी में कार्यरत युवा बिजेंद्र कुमार सफदरंजग अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा। बिजेंद्र का कहना था कि उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सोते समय घबराहट महसूस होती है। बाहर निकलते पर गले में दर्द की शिकायत हो रही है। डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि उसके गले में छोटे छोटे घाव हो चुके हैं। जिसकी वजह से कफ निकालने के साथ ही उसे ब्लड आने की शिकायत थी। 28 वर्षीय बिजेंद्र अभी भी अस्पताल में भर्ती है।