बदमाशों की सूचना पर पहुंची पुलिस यदि बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होती तो दारोगा अख्तर खान की जान बच सकती थी। लेकिन पुलिस की यह चूक दारोगा पर भारी पड़ गई। बदमाशों ने जिन हथियारों से पुलिस पर फायरिंग की है, वे आधुनिक नहीं थे।
मौके से 12 और 315 बोर के कारतूस बरामद किए गए हैं। दरअसल, पुलिस विभाग हर थाने में बुलेट प्रूफ जैकेट का इंतजाम रखता है। अगर किसी इलाके में ज्यादा अपराध होते हैं या अपराधियों की संख्या अधिक होती है तो थाने में उसी हिसाब से बुलेट प्रूफ जैकेट मौजूद रहती हैं।
दादरी कोतवाली में भी बुलेट प्रूफ जैकेट का इंतजाम था। अब सवाल उठता है कि जब पुलिस को यह जानकारी मिल गई थी कि नई आबादी की तंग गलियों में बदमाश छिपे हैं। पुलिस को यह भी पता था कि वहां पहले भी कई बार दबिश के दौरान पुलिस पर फायरिंग होती रही है।